Moneyboxx Finance ने सितंबर 2026 में कुल **₹144 करोड़** की फंडिंग हासिल की है। इसमें अक्टूबर में मिली **₹84 करोड़** की नई किस्त भी शामिल है, जिसमें Bandhan Bank के साथ एक नई पार्टनरशिप भी हुई है। कंपनी अब इस कैपिटल का इस्तेमाल MSME, सोलर और लाइवस्टॉक फाइनेंसिंग को रफ्तार देने में करेगी।
फंडिंग का पूरा गणित
Moneyboxx Finance ने सितंबर के दौरान कई अलग-अलग जरियों से ₹144 करोड़ का फंड जुटाया है। 1 अक्टूबर को घोषित की गई ₹84 करोड़ की हालिया किस्त में Indian Overseas Bank से ₹35 करोड़, नए पार्टनर Bandhan Bank से ₹20 करोड़ और दो अन्य NBFCs से ₹29 करोड़ प्राप्त हुए हैं। इससे पहले सितंबर में, कंपनी ने Choice Finserv, Vakrangee और Vivriti Capital जैसे लेंडर्स से नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए ₹60 करोड़ जुटाए थे।
क्यों है यह बड़ी खबर?
सरकारी बैंकों, प्राइवेट बैंकों और NBFCs से मिली यह फंडिंग कंपनी की बैलेंस शीट को काफी मजबूत बनाती है। Bandhan Bank का साथ जुड़ना सीधे तौर पर Moneyboxx के क्रेडिट अंडरराइटिंग स्टैंडर्ड्स पर भरोसे की मुहर है। यह लिक्विडिटी कंपनी के ग्रोथ प्लांस को तेजी से लागू करने में मदद करेगी।
आगे की रणनीति
कंपनी इस फ्रेश कैपिटल को अपने लेंडिंग ऑपरेशंस को बढ़ाने में लगाएगी। इनका खास फोकस MSME बुक को बड़ा करने और Loom Solar (रूटटॉप सोलर फाइनेंसिंग) और Akshayakalpa (डेयरी-लाइवस्टॉक सपोर्ट) जैसी पार्टनरशिप्स के जरिए स्पेशलाइज्ड सेक्टर में डिसबर्समेंट बढ़ाने पर है। इससे पोर्टफोलियो क्वालिटी में सुधार और AUM ग्रोथ की उम्मीद है।
निवेशकों के लिए जरूरी बातें
फंडिंग तो मिल गई है, लेकिन असली परीक्षा इस पैसे को हाई-यील्डिंग एसेट्स में सही तरीके से डिप्लॉय करने की होगी। MSME सेक्टर में बढ़ती कॉम्पिटिशन और इंटरेस्ट रेट में उतार-चढ़ाव कंपनी के कॉस्ट ऑफ बॉरोइंग पर असर डाल सकते हैं, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी होगी। आने वाली तिमाही नतीजों में AUM एक्सपेंशन और नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।
