Modern Dairies ने पहली तिमाही में रेवेन्यू में **16.5%** और प्रॉफिट में **29.5%** का इजाफा दर्ज किया है। हालांकि, **₹544.31 करोड़** की मिल्क सेस देनदारी निवेशकों के लिए चिंता का सबब बनी हुई है।
Modern Dairies के Q1 FY27 नतीजे: रेवेन्यू 16.5% बढ़ा, प्रॉफिट 29.5% उछला
Modern Dairies Ltd ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के लिए यह तिमाही अच्छी रही, क्योंकि रेवेन्यू और प्रॉफिट दोनों में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
प्रदर्शन कैसा रहा?
30 जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए, कंपनी का रेवेन्यू ₹91.27 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹78.30 करोड़ की तुलना में 16.5% अधिक है। वहीं, कंपनी का प्रॉफिट 29.5% बढ़कर ₹2.14 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹1.65 करोड़ था।
निवेशकों के लिए क्या है अहम?
कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजों ने उसके बिजनेस के स्वस्थ संचालन का संकेत दिया है। लेकिन, एक बड़ी आकस्मिक देनदारी (Contingent Liability) है जिस पर निवेशकों को खास ध्यान देने की जरूरत है। यह देनदारी ₹544.31 करोड़ की है और यह मिल्क सेस (Milk Cess) से जुड़ी है।
जानिए पूरा मामला
Modern Dairies डेयरी सेक्टर की कंपनी है और हरियाणा सरकार के साथ मिल्क सेस को लेकर कानूनी विवाद में फंसी हुई है। दिसंबर 2023 तक, सरकार का दावा ₹544.31 करोड़ था। कंपनी ने इसके लिए ₹22.01 करोड़ का प्रोविजन (Provision) किया है। अगर अदालत का फैसला कंपनी के खिलाफ जाता है, तो यह एक बड़ा वित्तीय जोखिम साबित हो सकता है।
आगे क्या?
कंपनी ने एक एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर की पुनर्नियुक्ति और नए ऑडिटर की नियुक्ति जैसे कॉर्पोरेट कदम भी उठाए हैं। 34वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 26 सितंबर 2026 को होनी तय है।
मुख्य बातें (Key Metrics)
- रेवेन्यू (Q1 FY27): ₹91.27 करोड़ (Q1 FY26 में ₹78.30 करोड़)
- प्रॉफिट (Q1 FY27): ₹2.14 करोड़ (Q1 FY26 में ₹1.65 करोड़)
- मिल्क सेस का दावा: ₹544.31 करोड़ (31 दिसंबर 2023 तक)
- मिल्क सेस के लिए प्रोविजन: ₹22.01 करोड़ (30 जून 2026 तक)
निवेशकों को सुप्रीम कोर्ट और पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट में चल रहे मिल्क सेस मुकदमे के नतीजों पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यह कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण होगा।
