Minolta Finance Limited के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 मुश्किल भरा रहा, कंपनी ने ₹1.42 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है। अब कंपनी अपना नाम बदलकर Wagad Finance रखने और ऑफिस शिफ्ट करने की योजना बना रही है, लेकिन RBI की सख्ती और ऑडिट रिपोर्ट में सामने आई कमियां निवेशकों के लिए बड़ी चिंता का सबब हैं।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और बदलाव
Minolta Finance Limited (MFL) ने अपनी 34वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के लिए एजेंडा जारी कर दिया है, जो 30 सितंबर, 2026 को होनी है। कंपनी ने अपना नाम बदलकर 'Wagad Finance Limited' करने और अपना रजिस्टर्ड ऑफिस पश्चिम बंगाल से महाराष्ट्र शिफ्ट करने का प्रस्ताव रखा है। साथ ही, Ms. Forum Gada को 5 साल के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त करने की तैयारी है। आर्थिक नतीजों की बात करें तो, पिछला साल कंपनी के लिए काफी खराब रहा; कंपनी ₹1.22 लाख के पिछले मुनाफे से फिसलकर ₹142.81 लाख के नेट लॉस (Net Loss) पर आ गई है।
क्यों है चिंता की बात?
कंपनी के स्टेट्यूटरी ऑडिटर ने भारी चिंता जताई है। सबसे गंभीर मुद्दा यह है कि कंपनी ने RBI द्वारा एनबीएफसी (NBFC) रजिस्ट्रेशन एप्लीकेशन रिजेक्ट होने के बाद भी फाइनेंसिंग एक्टिविटीज जारी रखी हैं। इसके अलावा:
- ब्याज का प्रोविजन न करना: फाइनेंस कॉस्ट को ₹2.43 करोड़ कम दिखाया गया है।
- दस्तावेजों की कमी: ₹62.96 लाख के निवेश पर मालिकाना हक के दस्तावेज गायब हैं।
मैनेजमेंट का रुख और आगे का रास्ता
मैनेजमेंट इसे एक प्रशासनिक भूल बता रहा है और RBI के साथ स्थिति को सामान्य करने का दावा कर रहा है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू ₹1,195.83 लाख तक उछल गया है और कुल उधार (Borrowings) बढ़कर ₹177.93 करोड़ हो गए हैं, जो मुख्य रूप से इंटर-कॉर्पोरेट लेंडिंग के कारण है।
अब निवेशकों की नजरें कंपनी के प्रस्तावित ₹49.24 करोड़ के राइट्स इश्यू (Rights Issue) पर टिकी हैं। कंपनी की फाइनेंशियल ट्रांसपेरेंसी और रेगुलेटरी क्लीयरेंस भविष्य की दिशा तय करेंगे।
