Minolta Finance Q2 Results: कंपनी मुनाफे में तो आई, लेकिन ऑडिट रिपोर्ट ने खोली पोल!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Minolta Finance Q2 Results: कंपनी मुनाफे में तो आई, लेकिन ऑडिट रिपोर्ट ने खोली पोल!

Minolta Finance ने Q2 FY27 में **₹2.59 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के **₹5.75 करोड़** के नुकसान के मुकाबले बेहतर है। लेकिन कंपनी अब गंभीर ऑडिट संबंधी चुनौतियों और साइबर हमलों के घेरे में है।

मुनाफे के पीछे का सच

Minolta Finance ने सितंबर तिमाही में ₹2.59 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाकर वापसी के संकेत दिए हैं। हालांकि, कंपनी की बोर्ड मीटिंग में NCD (Non-Convertible Debentures) जारी करने को लेकर भारी कंफ्यूजन देखने को मिला। फाइलिंग में कुल फंड राशि को लेकर विरोधाभास है, जहां मुख्य प्रस्ताव में ₹10 करोड़ का जिक्र है, जबकि एनेक्सचर-I में यह आंकड़ा ₹5 करोड़ बताया गया है। इन डिबेंचर्स पर 12% का सालाना कूपन रेट तय किया गया है।

ऑडिटर्स की चेतावनी और गंभीर सवाल

ऑडिटर्स ने कंपनी की इंटरनल वर्किंग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रमुख चिंताओं में शामिल हैं:

  • मिसिंग डॉक्यूमेंट्स: लोन से संबंधित जरूरी दस्तावेज गायब हैं, जिससे अनक्वांटिफाइड इंटरेस्ट एक्सपेंस का खतरा बढ़ गया है।
  • इन्वेस्टमेंट रिस्क: कुछ निवेशों के मालिकाना हक का कोई ठोस सबूत नहीं है।
  • TDS में चूक: ब्याज प्रावधानों पर TDS कटौती नहीं की गई है।
  • छुपाई गई जानकारी: कंपनी ने BSE द्वारा लगाए गए जुर्माने का खुलासा फाइलिंग में नहीं किया।

डेटा सुरक्षा और गवर्नेंस का संकट

कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती 3 जुलाई, 2026 को हुआ रैनसमवेयर अटैक है, जिसके चलते कंपनी का सारा फाइनेंशियल डेटा और बैकअप नष्ट हो गया। साथ ही, RBI द्वारा मैनेजमेंट बदलने के आवेदन को खारिज करना और CFO की सैलरी का हिसाब-किताब बुक्स में न होना, कंपनी के गवर्नेंस मॉडल पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। निवेशकों को सलाह है कि वे कंपनी की रेगुलेटरी फाइलिंग्स और आने वाली सफाई पर पैनी नजर रखें।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.