Minolta Finance के बोर्ड ने नई सब्सिडियरी कंपनी 'Wagad Housing Finance' को बनाने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही प्रमोटर्स राजीव एस. कोठारी और मालती एस. कोठारी को प्रमोटर ग्रुप से हटाकर पब्लिक कैटेगरी में शिफ्ट करने का फैसला लिया गया है।
नई बिजनेस स्ट्रैटेजी की शुरुआत
Minolta Finance Ltd ने अपने बिजनेस का दायरा बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपनी एक पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी (wholly-owned subsidiary) 'Wagad Housing Finance Private Limited' को शामिल करने का प्रस्ताव रखा है। इस नई इकाई के लिए कंपनी ने ₹10 लाख की अधिकृत शेयर पूंजी (authorized share capital) तय की है।
प्रमोटर्स का एग्जिट
बोर्ड ने राजीव एस. कोठारी और मालती एस. कोठारी के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है। ये दोनों अब 'प्रमोटर' की श्रेणी से बाहर होकर 'पब्लिक' कैटेगरी में आ जाएंगे। इन दोनों की कंपनी में हिस्सेदारी बहुत मामूली यानी करीब 0.045% है। यह कदम SEBI के रेगुलेशन 31A के तहत शेयरहोल्डर कैटेगरी को सरल बनाने के लिए उठाया गया है।
रेगुलेटरी अप्रूवल का इंतजार
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि ये दोनों बड़े कॉर्पोरेट फैसले अभी पूरी तरह से लागू नहीं हुए हैं। सब्सिडियरी का रजिस्ट्रेशन और प्रमोटर रीक्लासिफिकेशन की प्रक्रिया अभी रेगुलेटरी अप्रूवल और स्टॉक एक्सचेंज की हरी झंडी के अधीन है। किसी भी तरह की देरी या मंजूरी न मिलने की स्थिति में इन योजनाओं में बदलाव आ सकता है।
आगे क्या देखें?
अब निवेशकों की नजर इस बात पर होनी चाहिए कि कब कंपनी Wagad Housing Finance के आधिकारिक रजिस्ट्रेशन की घोषणा करती है और स्टॉक एक्सचेंज से प्रमोटर रीक्लासिफिकेशन पर अंतिम कन्फर्मेशन लेटर कब जारी होता है।
