Midland Polymers Ltd में प्रमोटर की हिस्सेदारी में बड़ा बदलाव आया है। प्रमोटर Gudapu Reddy Sreedar Reddy ने **24 लाख** शेयर खरीद लिए हैं, जिससे उनकी हिस्सेदारी बढ़कर **15.22%** हो गई है, जो पहले **5.66%** थी। ये सब कंपनी के शेयर कैपिटल में बड़े इजाफे के बाद हुआ है।
प्रमोटर ने क्यों बढ़ाई हिस्सेदारी?
Midland Polymers Ltd के प्रमोटर Gudapu Reddy Sreedar Reddy ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी को जबरदस्त तरीके से बढ़ाया है। उन्होंने 24,00,000 इक्विटी शेयर्स प्रीफरेंशियल अलॉटमेंट के ज़रिए खरीदे हैं। इस डील के बाद, कंपनी में उनकी कुल हिस्सेदारी 5.66% से बढ़कर 15.22% हो गई है।
क्या है इस बड़ी खरीदारी की वजह?
ये बड़ा कदम प्रमोटर के बढ़ते विश्वास को दिखाता है। लेकिन, इसके साथ ही कंपनी के इक्विटी कैपिटल में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। कंपनी के कुल शेयर्स की संख्या 6,68,760 से बढ़कर 16,020,628 हो गई है, यानी करीब 24 गुना ज्यादा। इस भारी डायल्यूशन (Dilution) का असर प्रति शेयर आय (EPS) और मौजूदा शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी पर पड़ सकता है।
पुराना हिसाब-किताब
पहले Gudapu Reddy Sreedar Reddy के पास कंपनी के 37,850 शेयर्स थे, जो कुल 5.66% हिस्सेदारी के बराबर थे। अब, खरीदारी के बाद उनके पास 2,437,850 शेयर्स हो गए हैं।
अब क्या बदलेगा?
प्रमोटर का कंपनी पर कंट्रोल और प्रभाव पहले से कहीं ज़्यादा मजबूत हो गया है। कंपनी के भविष्य के ग्रोथ प्लान्स के लिए हुए इस बड़े कैपिटल इन्फ्यूज़न (Capital Infusion) की वजह से कंपनी का पूरा इक्विटी स्ट्रक्चर ही बदल गया है।
मौजूदा शेयरहोल्डर्स के लिए क्या हैं खतरे?
मौजूदा शेयरहोल्डर्स के लिए सबसे बड़ी चिंता इक्विटी का भारी डायल्यूशन है। शेयर्स की संख्या 6.69 लाख से बढ़कर 1.6 करोड़ से ज़्यादा हो जाने का मतलब है कि माइनॉरिटी इन्वेस्टर्स की हिस्सेदारी और प्रति शेयर आय (EPS) में सीधे तौर पर कमी आ सकती है।
