Mega Fin India: मुनाफा बढ़ा, फिर भी शेयर ट्रेडिंग पर लगी रोक, निवेशकों के लिए मुसीबत जारी

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AuthorAditya Rao|Published at:
Mega Fin India: मुनाफा बढ़ा, फिर भी शेयर ट्रेडिंग पर लगी रोक, निवेशकों के लिए मुसीबत जारी

Mega Fin India ने FY25 में **₹23.08 लाख** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, लेकिन कंपनी के शेयर अभी भी BSE पर सस्पेंडेड हैं। इसका मुख्य कारण लिस्टिंग फीस न चुकाना और गवर्नेंस में बड़ी खामियां हैं।

मुनाफे के आंकड़ों की हकीकत

कंपनी ने FY 2024-25 के लिए अपने रिजल्ट्स जारी किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹23.08 लाख हो गया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹12.69 लाख था। कंपनी का रेवेन्यू भी ₹27.09 लाख से बढ़कर ₹29.94 लाख पर पहुंच गया है।

क्यों बंद है ट्रेडिंग?

नंबर्स पर गौर करें तो स्थिति बेहतर दिखती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। BSE ने कंपनी के शेयरों को सस्पेंड कर रखा है क्योंकि कंपनी ने एनुअल लिस्टिंग फीस का भुगतान नहीं किया है। साथ ही, पूरे फाइनेंशियल ईयर के दौरान कंपनी ने कोई भी जनरल मीटिंग (General Meeting) नहीं बुलाई, जो एक बड़ी कोताही है।

गवर्नेंस में बड़ी खामियां (Governance Issues)

कंपनी के बोर्ड स्ट्रक्चर पर बड़े सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल, कंपनी के पास न तो कोई कंपनी सेक्रेटरी (CS) है और न ही चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO), जो कानूनन अनिवार्य हैं। ऑडिट कमेटी का गठन भी SEBI के नियमों के मुताबिक नहीं है। इसके अलावा, कंपनी ने इनसाइडर ट्रेडिंग और शेयर एक्विजिशन से जुड़े नियमों का भी पालन नहीं किया है।

निवेशकों के लिए आगे क्या?

फिलहाल शेयरधारकों के लिए अनिश्चितता बनी हुई है। ट्रेडिंग बहाली के लिए कंपनी को सबसे पहले पेंडिंग लिस्टिंग फीस भरनी होगी और अनिवार्य पदों पर नियुक्ति (KMP Appointment) करनी होगी। जब तक ये रेगुलेटरी मानक पूरे नहीं होते, तब तक शेयरों की लिक्विडिटी वापस आना मुश्किल है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.