Marg Techno Projects Ltd ने ₹10 प्रति शेयर की दर से **6.39 करोड़** इक्विटी शेयर जारी कर **₹63.90 करोड़** जुटाने के लिए राइट्स इश्यू (Rights Issue) को मंजूरी दे दी है। यह इश्यू **29 जून, 2026** को खुलेगा और इसमें **9:2** का एंटाइटलमेंट रेश्यो (Entitlement Ratio) होगा।
Marg Techno Projects का बड़ा कदम: ₹63.90 करोड़ का राइट्स इश्यू
Marg Techno Projects Ltd के बोर्ड ने कंपनी के विस्तार के लिए एक अहम फैसला लिया है। कंपनी ₹10 प्रति शेयर के भाव पर 6,39,00,000 (साढ़े छह करोड़ से ज्यादा) इक्विटी शेयर जारी करके कुल ₹63.90 करोड़ की रकम जुटाएगी। इस इश्यू के बाद कंपनी का इक्विटी बेस (Equity Base) काफी मजबूत होगा।
क्यों महत्वपूर्ण है यह इश्यू?
इस राइट्स इश्यू से जुटाई गई राशि कंपनी के वित्तीय संसाधनों को बढ़ाएगी, जिससे भविष्य में ग्रोथ प्रोजेक्ट्स (Growth Projects) को फंड किया जा सकेगा या बैलेंस शीट (Balance Sheet) को और मजबूत बनाया जा सकेगा। मौजूदा शेयरधारकों (Shareholders) के लिए यह एक मौका है कि वे तय कीमत पर अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकें, हालांकि इसमें अंडरसब्सक्रिप्शन (Undersubscription) का जोखिम भी है।
पृष्ठभूमि: शेयरधारकों की बढ़ेगी संख्या
इस राइट्स इश्यू से पहले, Marg Techno Projects के पास 1,42,00,000 (एक करोड़ बयालीस लाख) इक्विटी शेयर थे। यदि यह इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब (Subscribe) हो जाता है, तो कुल इक्विटी शेयर कैपिटल बढ़कर 7,81,00,000 (सात करोड़ इक्यासी लाख) शेयर्स हो जाएंगे।
अब क्या बदलेगा?
20 जून, 2026 को रिकॉर्ड डेट (Record Date) पर जिन शेयरधारकों का नाम होगा, उन्हें हर 2 शेयर के बदले 9 नए शेयर खरीदने का अधिकार मिलेगा। यह इश्यू 29 जून से 6 जुलाई, 2026 तक खुला रहेगा, जिसे आगे बढ़ाया भी जा सकता है।
संभावित जोखिम
इस इश्यू में सबसे बड़ा जोखिम सब्सक्रिप्शन का है। कंपनी ₹63.90 करोड़ की पूरी राशि केवल तभी जुटा पाएगी जब यह इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब होगा। अंडरसब्सक्रिप्शन की स्थिति में जुटाई गई राशि योजना से कम हो सकती है।
आंकड़े जो रखते हैं नज़र
- राइट्स इश्यू का साइज़: ₹63.90 करोड़
- इश्यू प्राइस: ₹10 प्रति शेयर
- एंटाइटलमेंट रेश्यो: 9:2
- रिकॉर्ड डेट: 20 जून, 2026
- इश्यू खुलने की तारीख: 29 जून, 2026
- इश्यू बंद होने की तारीख: 6 जुलाई, 2026
आगे क्या देखें?
निवेशकों को इस राइट्स इश्यू की सब्सक्रिप्शन स्थिति पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। अंत में जुटाई गई कुल राशि और इसका कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य पर पड़ने वाला असर, ये महत्वपूर्ण संकेतक होंगे।
