Mantra Capital Ltd ने अपनी 42वीं AGM 28 सितंबर, 2026 को बुलाई है। कंपनी अब NBFC मॉडल में शिफ्ट होने की तैयारी कर रही है, जिसमें EV फाइनेंसिंग और ग्रीन फाइनेंस जैसे नए सेगमेंट शामिल होंगे।
NBFC की ओर बड़ा कदम
Mantra Capital Ltd ने अपनी 42वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) का नोटिस जारी कर दिया है, जो 28 सितंबर, 2026 को सुबह 11:00 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। कंपनी ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव करते हुए 'ऑब्जेक्ट क्लॉज' में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। इसका मुख्य उद्देश्य कंपनी को एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के रूप में स्थापित करना है।
भविष्य की योजनाएं
NBFC बनने के बाद कंपनी मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) फाइनेंसिंग, MSME लेंडिंग, और ग्रीन फाइनेंस जैसे क्षेत्रों में अपना काम शुरू करेगी। इस बड़े बदलाव के लिए शेयरहोल्डर्स से कंपनी के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (Articles of Association) को आधुनिक बनाने की मंजूरी भी मांगी जाएगी।
प्रमोटर्स के साथ ट्रांजैक्शन पर नजर
निवेशकों के लिए सबसे अहम हिस्सा प्रमोटर Deepa Tracy के साथ होने वाले संबंधित पक्ष के सौदे (Related-party transactions) हैं। कंपनी ने ₹58.5 करोड़ के लोन और अन्य वित्तीय लेनदेन का प्रस्ताव रखा है, जिसमें Mantra Vision Private Limited के साथ भी सौदे शामिल हैं।
रिस्क और निवेशकों के लिए सीख
प्रमोटर्स के साथ इतने बड़े स्तर पर लोन ट्रांजैक्शन होने की वजह से गवर्नेंस और आर्म्स-लेंथ प्राइसिंग को लेकर निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। एक पुराने बिजनेस मॉडल से NBFC में शिफ्ट होना एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि इसके लिए कठोर रेगुलेटरी नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है। निवेशकों को AGM में होने वाली वोटिंग के नतीजों पर पैनी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि इसी के बाद कंपनी को अपने नए कारोबार शुरू करने का जनादेश मिलेगा।
