Manraj Housing Finance के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 बेहद खराब रहा है। कंपनी ने **₹47.97 लाख** का घाटा दर्ज किया है और इसके ऑपरेशंस लगभग बंद हो चुके हैं। सबसे बड़ी चिंता ED की जांच और बैंकों के कर्ज में डिफॉल्ट को लेकर है।
फाइनेंशियल संकट की गहराती तस्वीर
वित्तीय वर्ष 2025-26 के नतीजे कंपनी की बदहाल स्थिति की कहानी बयां कर रहे हैं। पिछले साल जहां कंपनी ₹33.64 लाख के मुनाफे में थी, वहीं इस बार इसे ₹47.97 लाख का नेट लॉस हुआ है। कंपनी की कुल इनकम भी पिछले साल के ₹54.29 लाख से गिरकर केवल ₹4.29 लाख पर आ गई है, जो इस बात का संकेत है कि कोर बिजनेस लगभग ठप हो चुका है।
क्यों है खतरे की घंटी?
कंपनी के ऑडिटर्स 'Ratan Chandak & Co LLP' ने 'एडवर्स ऑपिनियन' (Adverse Opinion) दिया है, जो वित्तीय रिपोर्टिंग में बड़ी खामियों की ओर इशारा करता है। सबसे बड़ा रिस्क यह है कि कंपनी की 99% संपत्ति 'रिलेटेड पार्टी एडवांसेज' (Related-party advances) के रूप में है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) 'मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम' (PMLA) के तहत कर रही है।
बैंकों का बकाया और भविष्य की रणनीति
कंपनी पर कर्ज का बोझ भी भारी है। 'Jalgaon Peoples Co-Op Bank' के लोन पर डिफॉल्ट के साथ ही, ब्याज और पेनल्टी मिलाकर यह रकम ₹700 लाख के पार पहुंच चुकी है। संचित घाटा ₹574.96 लाख तक पहुंच गया है, जिससे नेट वर्थ पूरी तरह खत्म हो गई है।
अब कंपनी अपना अस्तित्व बचाने के लिए एक बड़ा बदलाव करने जा रही है। मैनेजमेंट ज्वेलरी, बुलियन और कीमती पत्थरों के व्यापार में उतरने की योजना बना रहा है। इस पर अंतिम फैसला 28 सितंबर, 2026 को होने वाली 36वीं AGM में लिया जाएगा। निवेशकों के लिए कंपनी की 'गोइंग कंसर्न' (Going concern) स्थिति पर फिलहाल बड़ा सवालिया निशान लगा हुआ है।
