Manraj Housing Finance: ऑडिटर्स ने दी चेतावनी, कंपनी को **₹48 लाख** का भारी नुकसान

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Manraj Housing Finance: ऑडिटर्स ने दी चेतावनी, कंपनी को **₹48 लाख** का भारी नुकसान

Manraj Housing Finance के लिए मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। फाइनेंशियल ईयर **2026** में कंपनी ने **₹47.97 लाख** का नेट लॉस दर्ज किया है, जबकि पिछले साल कंपनी मुनाफे में थी। कंपनी की एसेट्स पर ED की नजर है और ऑडिटर्स ने इसकी भविष्य की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बिगड़ते हालात और एडवर्स ओपिनियन (Adverse Opinion)

कंपनी के ऑडिटर्स 'Ratan Chandak & Company LLP' ने साफ कर दिया है कि फाइनेंशियल रिपोर्टिंग में काफी खामियां हैं। हैरानी की बात यह है कि कंपनी की 99% एसेट्स इस वक्त प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के घेरे में हैं। मामला 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) के तहत चल रहा है, जिससे इन संपत्तियों की असली वैल्यू और रिकवरी पर बहुत बड़ा संकट मंडरा रहा है।

कर्ज का बोझ और ऑपरेशन्स पर सवाल

आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि कंपनी पर 'Jalgaon Peoples Co-op Bank' का ₹711.42 लाख का कर्ज बकाया है, जिसे चुकाने में कंपनी नाकाम रही है। ऑडिटर्स ने अपनी रिपोर्ट में कंपनी के 'गोइंग कंसर्न' (कारोबार जारी रखने की क्षमता) पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है, क्योंकि पिछले तीन साल से कंपनी का कामकाज लगभग ठप पड़ा है।

अब आगे क्या?

कंपनी की 36वीं एनुअल जनरल मीटिंग 28 सितंबर, 2026 को होने वाली है। दिलचस्प यह है कि इन तमाम समस्याओं के बीच मैनेजमेंट अब ज्वेलरी और अन्य क्षेत्रों में कदम रखने की तैयारी कर रहा है। मैनेजमेंट का दावा है कि वे ED की जांच में सहयोग कर रहे हैं और कर्ज निपटाने के लिए वन-टाइम सेटलमेंट (OTS) की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, ऐसे संकटपूर्ण समय में नए बिजनेस में उतरने का फैसला निवेशकों के लिए बड़ा रिस्क माना जा रहा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.