Manipal Finance Corporation Ltd ने जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए **₹6.65 लाख** का घाटा दर्ज किया है। कंपनी के ऑडिटर ने चिंता जताई है कि पिछली हानियों और NPA के कारण कंपनी का भविष्य अनिश्चित हो सकता है।
Manipal Finance के नतीजे: ऑडिटर की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता
Manipal Finance Corporation Ltd ने 30 जून, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी को इस तिमाही में ₹6.65 लाख का नेट लॉस (Net Loss) हुआ है। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को ₹11.81 लाख का घाटा हुआ था।
क्या हुआ खास?
कंपनी ने बताया है कि जून 2026 तिमाही में उसका कुल रेवेन्यू (Revenue) ₹5.16 लाख रहा, जबकि कुल खर्च ₹11.81 लाख रहा।
ऑडिटर की रिपोर्ट में क्या है?
कंपनी के वैधानिक ऑडिटर, Sriramulu Naidu & Co., ने अपनी रिपोर्ट में गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि कंपनी लगातार घाटे और नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) में फंसे फंड के कारण भविष्य में अपना कामकाज जारी रख पाएगी या नहीं, इस पर गंभीर संदेह है।
पुरानी मुश्किलें और आगे का रास्ता
Manipal Finance का इतिहास वित्तीय चुनौतियों से भरा रहा है। कंपनी 1 जुलाई, 2002 से परिपक्व डिबेंचर (Debentures) और सबऑर्डिनेटेड डेट (Subordinated Debts) के भुगतान में डिफॉल्ट कर चुकी है, जिसमें ब्याज भी शामिल है। मैनेजमेंट का कहना है कि कंपनी का मौजूदा कामकाज सिर्फ बकाया वसूलने तक सीमित है, जिससे आय में अस्थिरता बनी हुई है।
आगे क्या?
मैनेजमेंट ने अनिश्चितताओं के बावजूद खातों को गोइंग कंसर्न (Going Concern) आधार पर तैयार किया है। ऑडिटर इस बात पर कोई राय नहीं दे पा रहे हैं कि कंपनी की संपत्तियों से कितनी वसूली हो पाएगी या वह अपनी देनदारियों का भुगतान कर पाएगी या नहीं। कंपनी की 43वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 25 सितंबर, 2026 को होनी है।
