सितंबर तिमाही में Mangalam Industrial Finance के नतीजों ने निवेशकों को निराश किया है। कंपनी ने मुनाफे से घाटे की ओर रुख किया है और ऑपरेशनल रेवेन्यू में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है।
मुनाफे से सीधे घाटे में कंपनी
सितंबर 2026 में खत्म हुई तिमाही के नतीजे कंपनी के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहे हैं। पिछले साल की समान अवधि में ₹0.41 करोड़ का मुनाफा कमाने वाली Mangalam Industrial Finance इस बार ₹5.51 करोड़ के नेट लॉस (Net Loss) में आ गई है। इसके अलावा, ऑपरेशनल रेवेन्यू भी पिछले साल के ₹0.92 करोड़ से घटकर महज ₹0.03 करोड़ रह गया है, जो कंपनी के बिजनेस में बड़ी सुस्ती की ओर इशारा करता है।
बोर्ड में बड़ा बदलाव
वित्तीय मोर्चे पर कमजोर प्रदर्शन के बीच, कंपनी ने गवर्नेंस को मजबूत करने की कोशिश की है। बोर्ड ने विशाल मनहरलाल शाह को एडिशनल नॉन-एक्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 6 नवंबर 2026 से प्रभावी हो गई है और उनका कार्यकाल 5 साल का होगा, हालांकि इसे अभी शेयरधारकों की मंजूरी मिलना बाकी है।
AGM के लिए मोहलत की मांग
कंपनी ने अपनी 43वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के आयोजन को लेकर Registrar of Companies (ROC) से एक महीने की एक्स्टेंशन मांगी है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए इस देरी के कारण कंपनी को नियमों के अनुपालन के लिए रेगुलेटरी मंजूरी का इंतजार है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
निवेशकों को कंपनी की गिरती रेवेन्यू और मुनाफे की वापसी के संघर्ष पर पैनी नजर रखने की जरूरत है। साथ ही, AGM के आयोजन में हो रही देरी कंपनी की आंतरिक प्रक्रियात्मक मुश्किलों को दर्शाती है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
