मंगल क्रेडिट एंड फिनकॉर्प का FY26 परफॉरमेंस
कंपनी के लिए 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के नतीजे काफी उत्साहजनक रहे। मंगल क्रेडिट एंड फिनकॉर्प लिमिटेड ने अपने ऑपरेटिंग रेवेन्यू में पिछले साल के मुकाबले 41% का शानदार इजाफा दर्ज किया है। यह बढ़कर ₹69.90 करोड़ हो गया, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में यह ₹49.58 करोड़ था।
प्रॉफिट में 17% की बढ़त
मुनाफे के मोर्चे पर भी कंपनी ने अच्छी पकड़ बनाए रखी। नेट प्रॉफिट (Profit After Tax) में 17.13% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹15.31 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल ₹13.07 करोड़ था।
शेयरधारकों के लिए बड़ा ऐलान
कंपनी के बोर्ड ने ₹0.75 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। इसके अलावा, कंपनी 25,00,000 कनवर्टिबल इक्विटी वारंट्स के प्रेफरेंशियल इश्यू को भी मंजूरी दे दी है। यह भविष्य में फंड जुटाने या रणनीतिक साझेदारी के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है, जो कंपनी के विस्तार में मदद कर सकता है।
क्यों है यह अहम?
रेवेन्यू में इतनी बड़ी वृद्धि कंपनी के कारोबार के विस्तार को दर्शाती है। प्रॉफिट में लगातार बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि कंपनी लागतों को प्रभावी ढंग से मैनेज कर रही है। डिविडेंड की घोषणा भविष्य की लाभप्रदता में विश्वास और शेयरधारकों को रिटर्न देने की प्रतिबद्धता को जाहिर करती है। वहीं, वारंट्स का इश्यू भविष्य के विकास के लिए कैपिटल इन्फ्यूजन का एक जरिया बन सकता है।
आगे क्या देखना है?
निवेशकों की नजर अब सालाना आम बैठक (AGM) में डिविडेंड और प्रेफरेंशियल वारंट इश्यू पर होने वाले वोटिंग पर होगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी जुटाए गए फंड का कितना प्रभावी ढंग से उपयोग करती है और अपनी रेवेन्यू व प्रॉफिट ग्रोथ की गति को बनाए रख पाती है या नहीं।
