Manba Finance ने 19 अक्टूबर, 2026 को होने वाली अपनी EGM के लिए एक कोरिज़ेंडम (Corrigendum) जारी किया है। NSE के निर्देशों के बाद कंपनी ने शेयर और वारंट अलॉटमेंट से जुड़ी जानकारी और प्रमोटर्स की हिस्सेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट की है।
EGM में पारदर्शिता पर जोर
Manba Finance Limited ने 22 सितंबर, 2026 को जारी अपने EGM नोटिस में बदलाव करते हुए एक औपचारिक कोरिज़ेंडम जारी किया है। इसका मकसद अपने प्रस्तावित फंडरेजिंग प्लान में पारदर्शिता लाना है।
क्या बदलाव किए गए?
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के हस्तक्षेप के बाद कंपनी ने उन सवालों के जवाब दिए हैं जो शेयर और वारंट जारी करने की प्रक्रिया से जुड़े थे। मुख्य अपडेट्स इस प्रकार हैं:
- Ultimate Beneficial Owners (UBOs): कंपनी ने उन लोगों के नामों का खुलासा किया है जो अलॉटीज (allottees) को नियंत्रित करते हैं। इसमें Manba Investments and Securities Private Limited, Hem Securities Limited और Nexus Equity Growth Fund जैसे नाम शामिल हैं।
- प्रमोटर्स की योजना: Manba Investments and Securities Private Limited 2,222,223 वारंट्स सब्सक्राइब करेगी, जबकि मिस्टर मनीष कीर्ति कुमार शाह 185,000 वारंट्स के लिए निवेश करेंगे। अन्य प्रमोटर्स ने इस दौर में भाग न लेने की पुष्टि की है।
- रेगुलेटरी कम्प्लायंस: कंपनी ने M/s. Ronak Jhuthawat & Co. का एक सर्टिफिकेट संलग्न किया है, जो SEBI के रेगुलेशंस के तहत पूरी प्रक्रिया की वैधता की पुष्टि करता है।
निवेशकों के लिए क्यों है जरूरी?
यह पारदर्शिता EGM में होने वाली वोटिंग के लिहाज से काफी अहम है। एक्सचेंज के सवालों को पहले ही सुलझा लेने से कंपनी ने उन बाधाओं को दूर कर दिया है जो अप्रूवल प्रोसेस में आ सकती थीं। शेयरधारकों के लिए अब यह समझना आसान हो गया है कि अलॉटमेंट के बाद कंपनी का इक्विटी स्ट्रक्चर कैसा होगा।
आगे क्या रखें नजर?
सभी निवेशकों की नजरें अब 19 अक्टूबर, 2026 की तारीख पर हैं, जब EGM में इन प्रस्तावों पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। यह फंडरेजिंग कंपनी की भविष्य की फाइनेंशियल स्ट्रैटेजी का एक बड़ा हिस्सा है।
