Manappuram Finance: मुनाफा गिरा पर AUM रॉकेट की तरह भागा! जानिए वजह

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AuthorNeha Patil|Published at:
Manappuram Finance: मुनाफा गिरा पर AUM रॉकेट की तरह भागा! जानिए वजह

Manappuram Finance ने FY26 के लिए **17.5%** की गिरावट के साथ **₹993 करोड़** का मुनाफा दर्ज किया है। इसके पीछे मुख्य कारण ज़्यादा प्रोविजनिंग (provisioning) रहा। हालांकि, कंपनी की AUM (Assets Under Management) **48.3%** बढ़कर **₹63,798 करोड़** हो गई, जिसका बड़ा श्रेय इसके गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में आई **99.1%** की ज़बरदस्त ग्रोथ को जाता है।

Manappuram Finance के FY26 नतीजे

Manappuram Finance का FY 2025-26 के लिए कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹993 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 17.5% कम है। इस गिरावट की मुख्य वजह कंपनी के नॉन-गोल्ड बिजनेस सेगमेंट में बढ़ी हुई प्रोविजनिंग (provisioning) बताई जा रही है।

क्या है खास?

कंपनी की कंसोलिडेटेड AUM (Assets Under Management) में FY 2025-26 के दौरान 48.3% की शानदार बढ़ोतरी हुई और यह ₹63,798 करोड़ तक पहुंच गई। कंपनी ने ₹1,270 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) दर्ज किया, जो पिछले साल से 23.7% कम है। वहीं, नेट वर्थ (Net Worth) में 29.1% की जोरदार वृद्धि के साथ यह ₹16,051 करोड़ पर पहुंच गया।

क्यों है यह अहम?

AUM में इतनी बड़ी ग्रोथ, खासकर गोल्ड लोन सेगमेंट में, कंपनी की मार्केट में मजबूत पकड़ को दिखाती है। मुनाफे में गिरावट के बावजूद, बढ़ते नेट वर्थ और माइक्रोफाइनेंस कंपनी Asirvad Microfinance में स्थिरता के संकेत सकारात्मक हैं। Bain Capital से जुड़े एंटिटीज (entities) द्वारा प्रीफरेंशियल अलॉटमेंट (preferential allotment) के जरिए ₹2,192.47 करोड़ का कैपिटल इन्फ्यूजन (capital infusion) कंपनी को एक मजबूत फाइनेंशियल सपोर्ट दे रहा है और निवेशकों का भरोसा बढ़ा रहा है।

कहानी क्या है?

Manappuram Finance की कंसोलिडेटेड AUM का 80% गोल्ड लोन से आता है। FY26 में गोल्ड लोन AUM 99.1% बढ़कर ₹50,953 करोड़ हो गया। कंपनी के पास करीब 63 टन सोना है और यह इस सेगमेंट में 2.7 मिलियन से ज़्यादा ग्राहकों को सेवा देती है। Asirvad Microfinance, जो कंपनी का माइक्रोफाइनेंस आर्म (microfinance arm) है, सेक्टर के दबाव से जूझ रहा था लेकिन सख्त अंडरराइटिंग स्टैंडर्ड्स (underwriting standards) लागू करने के बाद Q4 FY26 में सुधार के संकेत दिखने लगे थे।

अब क्या बदलेगा?

27 मार्च 2026 को प्रीफरेंशियल अलॉटमेंट पूरा हुआ, जिससे कंपनी की फाइनेंशियल पोजीशन मजबूत हुई है। बोर्ड ने FY26 के लिए ₹2 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड (interim dividend) भी घोषित किया है।

जोखिम क्या हैं?

माइक्रोफाइनेंस इंडस्ट्री में बाहरी चुनौतियां अभी भी कंपनी के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती हैं। निवेशकों को गोल्ड लेंडिंग सेक्टर के रेगुलेटरी माहौल पर भी नजर रखनी चाहिए।

आगे क्या देखें?

निवेशकों को माइक्रोफाइनेंस सेगमेंट की रिकवरी और स्थिरता पर ध्यान देना चाहिए, साथ ही गोल्ड लेंडिंग ऑपरेशंस को प्रभावित करने वाले किसी भी रेगुलेटरी डेवलपमेंट पर नज़र रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.