Manaksia Coated Metals & Industries Ltd को JPA Snacks Private Limited के साथ प्रस्तावित मर्जर के लिए अपने असुरक्षित लेनदारों (unsecured creditors) से मंजूरी मिल गई है। इस प्रस्ताव पर भारी बहुमत से मुहर लगी है, जिससे कंपनी इस पुनर्गठन को पूरा करने के एक कदम और करीब आ गई है।
लेनदारों की मंजूरी मिली, मर्जर को मिली हरी झंडी
Manaksia Coated Metals & Industries Ltd ने 9 जून 2026 को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में कंपनी के असुरक्षित लेनदारों (unsecured creditors) ने JPA Snacks Private Limited के साथ प्रस्तावित मर्जर स्कीम पर वोटिंग की। यह प्रस्ताव भारी बहुमत से पारित हो गया।
16 असुरक्षित लेनदारों ने ₹144.35 करोड़ के पक्ष में वोट किया, जो डाले गए वोटों का 97.57% था। केवल 1 वोट, जो ₹3.59 करोड़ का था (यानी 2.43% वोट), अमान्य पाया गया।
मर्जर क्यों महत्वपूर्ण है?
यह मंजूरी कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 230(6) के तहत एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रक्रियात्मक कदम है। यह दर्शाता है कि हितधारकों के एक बड़े समूह, यानी असुरक्षित लेनदारों ने मर्जर की शर्तों को स्वीकार कर लिया है। अब कंपनी आगे की कानूनी और नियामक मंजूरियों के लिए आगे बढ़ सकती है।
मर्जर की पूरी कहानी
Manaksia Coated Metals & Industries Ltd अपने कॉर्पोरेट पुनर्गठन (corporate restructuring) के प्रयासों के तहत यह मर्जर कर रही है। इस प्रक्रिया में JPA Snacks Private Limited ट्रांसफरर कंपनी (transferor entity) होगी और Manaksia Coated Metals & Industries Limited ट्रांसफर कंपनी (transferee) होगी।
अब क्या होगा?
लेनदारों की मंजूरी के साथ, कंपनी मर्जर को पूरा करने के करीब पहुंच गई है। अब सभी की निगाहें NCLT, कोलकाता बेंच से अंतिम मंजूरी प्राप्त करने और अन्य आवश्यक नियामक क्लीयरेंस पर टिकी हुई हैं।
जोखिम पर एक नजर
हालांकि लेनदारों का वोटिंग परिणाम सकारात्मक रहा, मर्जर अभी भी NCLT की अंतिम मंजूरी पर निर्भर है। यदि ट्रिब्यूनल से कोई देरी या प्रतिकूल टिप्पणी आती है, तो मर्जर पूरा होने की समय-सीमा प्रभावित हो सकती है।
