Maharashtra Corporation Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के कमजोर नतीजे पेश किए हैं। कंपनी मुनाफे से सीधे घाटे में आ गई है और रेवेन्यू में भी भारी कमी देखी गई है।
बिगड़े वित्तीय हालात
कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के प्रदर्शन पर नजर डालें तो स्थिति चिंताजनक है। बीते साल जहां कंपनी ₹0.11 करोड़ के मुनाफे में थी, वहीं इस बार ₹0.36 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। ऑपरेशनल रेवेन्यू में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है, जो पिछले साल के ₹1.55 करोड़ से घटकर महज ₹0.045 करोड़ पर आ गया है।
AGM और मैनेजमेंट में बदलाव
कंपनी ने अपनी 44वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 30 सितंबर, 2026 को मुंबई में बुलाने का ऐलान किया है। इस मीटिंग में नए स्टेट्यूटरी ऑडिटर के रूप में रिद्धि किशोर त्रिवेदी की नियुक्ति पर चर्चा होगी, जो 5 साल के कार्यकाल के लिए चुनी गई हैं।
गवर्नेंस और रेगुलेटरी चुनौतियां
निवेशकों को कंपनी के गवर्नेंस स्ट्रक्चर पर सतर्क रहने की जरूरत है। कंपनी पर कंपनी सेक्रेटरी की नियुक्ति में देरी के लिए ₹10,000 प्लस GST का जुर्माना बकाया है। साथ ही, SDD सॉफ्टवेयर के रखरखाव में कमी और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के डेटाबैंक रजिस्ट्रेशन में अनियमितताएं पाई गई हैं। कंपनी आगामी AGM में प्रति एंटिटी ₹25 करोड़ तक के इंटर-कॉर्पोरेट लोन के प्रस्ताव पर भी शेयरधारकों की मंजूरी मांगेगी, जिस पर निवेशकों की नजरें टिकी होंगी।
