Maha Rashtra Apex Corporation ने जून 2026 तिमाही में **₹1.04 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। लेकिन, ऑडिटर की क्वालिफाइड ओपिनियन (qualified opinion) ने कंपनी पर **₹3.94 करोड़** के ब्याज खर्चों को दर्ज न करने पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या हुआ? Maha Rashtra Apex Corporation ने 30 जून, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए अपने अनऑडिटेड (unaudited) वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने ₹1.04 करोड़ का नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹1.37 करोड़ से कम है। हालांकि, ऑपरेशंस से रेवेन्यू मामूली बढ़कर ₹0.06 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹0.05 करोड़ था।
क्यों है ये चिंता की बात?
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता ऑडिटर की क्वालिफाइड ओपिनियन है। कंपनी के स्टैट्यूटरी ऑडिटर्स (statutory auditors) ने बताया है कि कंपनी अक्टूबर 2019 से जून 2026 तक के ₹3.94 करोड़ के डिपॉजिट्स पर लगने वाले ब्याज की लागत को दर्ज करने में विफल रही है। ऑडिटर्स का कहना है कि इस चूक के कारण मुनाफे को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया है और देनदारियों को कम करके आंका गया है।
कंपनी की पुरानी मुश्किलें
Maha Rashtra Apex Corporation का नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) लाइसेंस RBI द्वारा 2002 में रद्द कर दिया गया था। कंपनी कई कानूनी मामलों में भी उलझी हुई है, जिसमें 2004 के कोर्ट के आदेश के अनुसार कर्नाटक हाई कोर्ट में ₹13.96 करोड़ जमा करना भी शामिल है। इसके अलावा, M/s Kanara Consumer Products Ltd के साथ संपत्ति की बिक्री के समझौते की समय-सीमा भी बीत चुकी है।
अब क्या बदलेगा?
ऑडिटर की क्वालिफाइड ओपिनियन का मतलब है कि रिपोर्ट किया गया मुनाफा असलियत से ज्यादा हो सकता है, और कंपनी की देनदारियां ₹3.94 करोड़ से कम दिखाई गई हैं। यह बड़ी अनप्रोवाइडेड (unprovided) राशि भविष्य के वित्तीय विवरणों और निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकती है।
जोखिम क्या हैं?
सबसे बड़ा जोखिम अनप्रोवाइडेड ब्याज लागत का संभावित वित्तीय प्रभाव है। कंपनी के पुराने मामले, जिनमें रद्द NBFC लाइसेंस और प्रॉपर्टी बिक्री का पुराना समझौता शामिल है, भी लगातार परिचालन और वित्तीय जोखिम पैदा करते हैं।
