Magellanic Cloud के बोर्ड ने शेयर और वारंट के प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए ₹492 करोड़ से ज़्यादा जुटाने को मंजूरी दे दी है। कंपनी अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सहायक कंपनी, IVIS International Private Limited का भी विलय करेगी।
Magellanic Cloud की बड़ी योजना: ₹492 करोड़ जुटाएगी, सहायक कंपनी होगी मर्ज
Magellanic Cloud लिमिटेड ने अपने निवेशकों को बड़ी खबर दी है। कंपनी ने इक्विटी शेयर और कनवर्टिबल वारंट के प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट (Preferential Allotment) के ज़रिए करीब ₹112.29 करोड़ जुटाने का फैसला किया है। इसके तहत 3,74,28,573 इक्विटी शेयर ₹30 प्रति शेयर के भाव पर जारी किए जाएंगे।
साथ ही, कंपनी 12,67,00,000 कनवर्टिबल वारंट्स (Convertible Warrants) भी ₹30 प्रति यूनिट के भाव पर जारी करेगी, जिनसे करीब ₹380.10 करोड़ जुटाए जाएंगे। ये वारंट्स 18 महीने के अंदर इक्विटी शेयर में कनवर्ट हो सकते हैं।
सहायक कंपनी IVIS International का होगा विलय
इतना ही नहीं, Magellanic Cloud अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सहायक कंपनी, IVIS International Private Limited को खुद में मर्ज (Amalgamation) करने जा रही है। इस विलय की तय तारीख 1 अप्रैल, 2026 रखी गई है।
क्यों उठाए जा रहे हैं ये कदम?
कंपनी के इन कदमों का मुख्य मकसद अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करना और ऑपरेशंस को सुव्यवस्थित करना है। जुटाए गए फंड का इस्तेमाल कंपनी विस्तार (Expansion) या बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए करेगी। किसी सहायक कंपनी का विलय करना एक सामान्य कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग (Corporate Restructuring) कदम है, जिससे संपत्ति को एकीकृत करने, लागत कम करने और दक्षता में सुधार करने में मदद मिलती है।
इसके अलावा, कंपनी ने नॉन-रेसिडेंट इंडियंस (NRIs) और ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCIs) के लिए विदेशी निवेश की सीमा को 10% से बढ़ाकर 24% करने की भी मंजूरी दी है, जिससे विदेशी पूंजी को आकर्षित करने में मदद मिल सकती है।
आगे क्या?
शेयरहोल्डर्स इन सभी प्रस्तावों पर 24 जुलाई, 2026 को होने वाली असाधारण आम बैठक (Extraordinary General Meeting - EGM) में वोट करेंगे। अगर यह मंजूरी मिल जाती है, तो कंपनी की पूंजी संरचना और परिचालन व्यवस्था में बड़े बदलाव आएंगे। IVIS International का विलय होने के बाद उसकी संपत्ति और देनदारियां Magellanic Cloud में समाहित हो जाएंगी।
जोखिम और ध्यान देने योग्य बातें
इन योजनाओं में मुख्य जोखिम शेयरधारकों और नियामकों से आवश्यक मंजूरी प्राप्त करना है। विलय के बाद IVIS International के एकीकरण की सफलता भी महत्वपूर्ण होगी। अगर शेयर की कीमत ₹30 के कन्वर्जन प्राइस से काफी नीचे चली जाती है, तो वारंट के कन्वर्जन पर असर पड़ सकता है।
