क्या हुआ?
MT Educare Limited ने खुलासा किया है कि 30 अप्रैल, 2026 तक कंपनी ने अपने कर्जदाताओं को प्रिंसिपल और ब्याज के भुगतान में डिफॉल्ट किया है। यह कुल डिफॉल्ट राशि ₹32.33 करोड़ है। इस मामले में प्रमुख कर्जदाताओं में Prudence ARC और Axis Bank शामिल हैं।
इसके अलावा, कंपनी पर ₹23.99 करोड़ की कॉर्पोरेट गारंटी भी लागू हो गई है, जो उसने थर्ड-पार्टी एंटिटी के लिए दी थी। ये गारंटी Sri Gayatri Education Society और Lakshya Forum for Competitions Pvt Ltd के लिए जारी की गई थीं।
यह क्यों मायने रखता है?
ये खुलासे MT Educare की गंभीर वित्तीय परेशानी और नकदी की किल्लत को दर्शाते हैं। कंपनी लगातार कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेज़ोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के दौर से गुजर रही है। इस प्रक्रिया के तहत, कंपनी का मैनेजमेंट इंसॉल्वेंसी प्रोफेशनल, मिस्टर अरिहंत नेवाती (जिन्हें 22 जनवरी, 2024 को नियुक्त किया गया था) के नियंत्रण में है। कंपनी की वित्तीय स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।
पीछे की कहानी
MT Educare Limited, दिसंबर 2022 में CIRP में दाखिल होने के बाद से दो साल से अधिक समय से इस प्रक्रिया से गुजर रही है। यह एक कानूनी ढांचा है जो वित्तीय कठिनाइयों का सामना कर रही कंपनियों को उनके कर्ज का समाधान करने और संभावित रूप से संचालन जारी रखने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
आगे क्या?
कंपनी के ऑपरेशंस और वित्तीय निर्णय अब इंसॉल्वेंसी प्रोफेशनल द्वारा संभाले जा रहे हैं। ध्यान CIRP के तहत कर्ज के समाधान और संपत्तियों के सत्यापन पर केंद्रित है। किसी भी रिकवरी या टर्नअराउंड प्लान का निर्धारण इसी प्रक्रिया के नतीजों पर निर्भर करेगा।
जोखिम
कंपनी के सामने मुख्य जोखिम लगातार डिफॉल्ट, लागू की गई गारंटी के माध्यम से आकस्मिक देनदारियों का क्रिस्टलीकरण और चल रहे कानूनी विवादों के परिणाम हैं। विशेष रूप से Shamrao Vithal Co-op Bank Ltd (SVC Bank) के साथ ₹49.72 करोड़ के दावे को लेकर विवाद जारी है। NCLT ने इस दावे को खारिज कर दिया था, लेकिन NCLAT में अपील लंबित है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को CIRP की प्रगति, इंसॉल्वेंसी प्रोफेशनल द्वारा प्रस्तावित किसी भी समाधान और SVC Bank के साथ लंबित मुकदमे के नतीजों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।
