MSL Global Limited ने FY2026 में मुनाफे में की वापसी, पर ऑडिट पर उठे सवाल
MSL Global Limited ने 2026 के फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹4.97 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर 2025 के ₹0.52 करोड़ के नेट लॉस से एक बड़ा सुधार है। कंसोलिडेटेड (Consolidated) बेसिस पर, कंपनी ने ₹2.81 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया, जबकि पिछले साल यह ₹0.83 करोड़ के लॉस में था।
क्यों है यह महत्वपूर्ण?
लॉस से प्रॉफिट में आना निवेशकों के लिए एक अच्छी खबर है, जो कंपनी के बेहतर ऑपरेशनल परफॉरमेंस (Operational Performance) और फाइनेंशियल हेल्थ (Financial Health) का संकेत देता है। लेकिन, स्टेटुटरी ऑडिटर (Statutory Auditor) S. V. Bhat & Co. की तरफ से मिली क्वालिफाइड ओपिनियन (Qualified Opinion) थोड़ी चिंता बढ़ाती है। यह राय ₹12 करोड़ के एक एडवांस को लेकर है, जो Primus Retail (P) Ltd. को दिया गया था। हैरानी की बात यह है कि यह एडवांस अब तक प्रोविज़न (Provision) नहीं किया गया है, जबकि देनदार कंपनी लिक्विडेशन (Liquidation) में है।
क्या है पूरा मामला?
पिछले फाइनेंशियल ईयर, FY2025 में MSL Global को स्टैंडअलोन ₹0.52 करोड़ और कंसोलिडेटेड ₹0.83 करोड़ का नेट लॉस हुआ था। कंपनी के मौजूदा नतीजे इस स्थिति से एक बड़ी रिकवरी दिखाते हैं।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी के कंसोलिडेटेड नतीजों में अब उसकी सब्सिडियरी (Subsidiary), Compliance Kart Private Limited का भी हिसाब शामिल होगा, जिसमें MSL Global ने 75% से ज़्यादा हिस्सेदारी खरीदी है। यह इनऑर्गेनिक ग्रोथ (Inorganic Growth) की ओर एक कदम है, जो कंपनी की स्ट्रेटेजी (Strategy) का हिस्सा है।
जोखिम क्या हैं?
सबसे बड़ा जोखिम ₹12 करोड़ के एडवांस पर ऑडिटर की क्वालिफाइड ओपिनियन है। ऑडिटर का कहना है कि इस एडवांस के लिए कोई प्रोविज़न नहीं बनाया गया है, जो तीन साल से ज़्यादा समय से बकाया है और देनदार कंपनी लिक्विडेशन प्रक्रिया में है। इससे कंपनी की नेट वर्थ (Net Worth) पर असर पड़ने वाला राइट-ऑफ (Write-off) हो सकता है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को यह देखना होगा कि MSL Global भविष्य की फाइनेंशियल रिपोर्टिंग में ऑडिटर की ₹12 करोड़ के एडवांस पर क्वालिफाइड ओपिनियन को कैसे संबोधित करती है। Compliance Kart Private Limited के अधिग्रहण की प्रगति पर भी नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
