MIC Electronics Share Price: टैक्स के बोझ तले डूबी कंपनी! FY26 में हुआ भारी नुकसान, AGM पर टिकी निगाहें

BANKINGFINANCE
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
MIC Electronics Share Price: टैक्स के बोझ तले डूबी कंपनी! FY26 में हुआ भारी नुकसान, AGM पर टिकी निगाहें

MIC Electronics के निवेशकों के लिए बुरी खबर है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में **₹12.63 करोड़** का नेट लॉस दर्ज किया है, जिसका मुख्य कारण एक बड़ा नॉन-कैश टैक्स चार्ज बताया जा रहा है। कंपनी अपनी 38वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 16 सितंबर 2026 को आयोजित करेगी।

MIC Electronics का FY26 का वित्तीय नतीजा:

MIC Electronics लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने कंसोलिडेटेड नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी को ₹12.63 करोड़ का शुद्ध घाटा (Net Loss) हुआ है। पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में कंपनी ने ₹9.83 करोड़ का मुनाफा कमाया था। हालांकि, कंपनी की कुल आय (Total Income) में जबरदस्त उछाल देखा गया, जो ₹96.00 करोड़ से बढ़कर ₹191.69 करोड़ हो गई।

क्या हुआ और क्यों हुआ?

कंपनी ने बताया कि यह घाटा मुख्य रूप से ₹29.31 करोड़ के एक बड़े नॉन-कैश टैक्स चार्ज के कारण हुआ है। यह चार्ज डेफर्ड टैक्स एसेट्स (Deferred Tax Assets) को वापस लेने से आया, जो इनकम-टैक्स एक्ट, 1961 के तहत अब आगे ले जाने योग्य नहीं थे। इस टैक्स एडजस्टमेंट के बावजूद, कंपनी की कुल आय पिछले साल की तुलना में लगभग दोगुनी हो गई है।

38वीं AGM में क्या होगा?

कंपनी ने अपनी 38वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) की घोषणा भी की है, जो 16 सितंबर 2026 को हैदराबाद में होगी। इस मीटिंग में शेयरहोल्डर्स के सामने वित्तीय वर्ष 2025-26 के वित्तीय विवरण (Financial Statements) रखे जाएंगे और उन पर मंजूरी ली जाएगी।

इसके अलावा, शेयरधारकों से डायरेक्टर श्री शिवानंद स्वामी मितिकिरी की पुनः नियुक्ति और ऑडिटर फर्म M/s. Bhavani & Co. की अगले पांच साल के लिए पुनः नियुक्ति पर भी वोटिंग कराई जाएगी।

अहम फैसले और रिस्क फैक्टर:

मीटिंग में वित्तीय वर्ष 2027-28 के लिए मटेरियल रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन्स (Material Related Party Transactions) को भी मंजूरी के लिए रखा जाएगा। इसमें RRK Enterprise Private Limited और SOA Electronics Trading LLC जैसी कंपनियों के साथ होने वाले बड़े सौदे शामिल हैं।

कंपनी के लिए सबसे बड़ा कंसर्न घाटे में वापसी है, भले ही इसका कारण नॉन-कैश आइटम हो। निवेशकों की नजरें अब इस बात पर होंगी कि कंपनी कैसे मुनाफे में लौटती है और अपने ऑपरेशंस को प्रभावी ढंग से संभालती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.