Lords Mark Industries ने अपने प्रमोटर और मैनेजिंग डायरेक्टर सच्चिदानंद हरिराम उपाध्याय से **₹100 करोड़** तक का अनसिक्योर्ड लोन जुटाने की योजना बनाई है। इस प्रस्ताव में कर्ज को बाद में इक्विटी शेयरों में बदलने का विकल्प भी शामिल है, जिसके लिए पोस्टल बैलेट के जरिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी।
प्रमोटर लोन और इक्विटी का गणित
कंपनी ने अपने बिजनेस की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रमोटर सच्चिदानंद हरिराम उपाध्याय से ₹100 करोड़ जुटाने का प्रस्ताव रखा है। खास बात यह है कि बोर्ड ने इस लोन को कंपनी के फुली पेड-अप इक्विटी शेयरों में बदलने का विकल्प भी रखा है।
शेयरहोल्डर्स के लिए क्या हैं मायने?
प्रमोटर का यह कदम कंपनी में उनके भरोसे को तो दर्शाता है, लेकिन भविष्य में लोन के इक्विटी में बदलने पर मौजूदा शेयरहोल्डर्स के लिए इक्विटी डाइल्यूशन (Equity Dilution) का रिस्क पैदा हो सकता है। यदि ऐसा होता है, तो कंपनी के अर्निंग पर शेयर (EPS) पर सीधा असर पड़ सकता है।
वोटिंग की प्रक्रिया
बोर्ड ने इस प्रस्ताव के लिए पोस्टल बैलेट की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रिमोट ई-वोटिंग 27 अक्टूबर 2026 की सुबह 9:00 बजे से शुरू होगी और 25 नवंबर 2026 की शाम 5:00 बजे तक चलेगी। कंपनी ने इसके लिए Ms. Geeta Serwani को स्क्रूटिनाइजर नियुक्त किया है, और पूरी प्रक्रिया NSDL के माध्यम से संपन्न होगी।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को अब 26 अक्टूबर 2026 को जारी होने वाले पोस्टल बैलेट नोटिस का इंतजार करना चाहिए। इस नोटिस में कन्वर्जन प्राइस, ब्याज दरें और रीपेमेंट की शर्तों का खुलासा होगा, जो इस डील की वैल्यूएशन तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। परिणाम की घोषणा 27 नवंबर 2026 तक होने की उम्मीद है।
