Lloyds Metals and Energy Ltd के प्रमोटर्स ने **2.9 करोड़** से ज्यादा शेयरों पर नॉन-डिस्पोजल अंडरटेकिंग (NDU) बनाई है। इसका उद्देश्य कंपनी के लिए रुपे टर्म लोन जुटाना है।
क्या है पूरा मामला?
Lloyds Metals and Energy Ltd ने हाल ही में बाजार को जानकारी दी है कि कंपनी के प्रमोटर्स ने 2.9 करोड़ से अधिक शेयरों को एक 'नॉन-डिस्पोजल अंडरटेकिंग' (NDU) के तहत रखा है। यह कदम कंपनी के लिए रुपे टर्म लोन (Rupee Term Loan) की सुविधा हासिल करने के लिए उठाया गया है।
क्यों अहम है यह खबर?
NDU का सीधा मतलब यह है कि प्रमोटर्स इन शेयरों को न तो बेच सकते हैं और न ही किसी और काम में इस्तेमाल कर सकते हैं। यह शेयर लेंडर के पास एक सुरक्षा कवच (Security) की तरह काम करते हैं। हालांकि यह शेयर प्लेज (Pledge) से थोड़ा अलग है, लेकिन निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि प्रमोटर की कितनी होल्डिंग कंपनी के कर्ज के साथ जुड़ी हुई है।
किन लोगों ने बनाए हैं NDU?
इस एग्रीमेंट के तहत प्रमुख प्रमोटर्स में Thriveni Earthmovers Private Limited (90,08,636 शेयर), राजेश राजनारायण गुप्ता (90,00,000 शेयर), प्रियंका श्रीकृष्ण गुप्ता (90,00,000 शेयर), और Sky United LLP (20,00,000 शेयर) शामिल हैं। यह करार SBICAP Trustee Company Limited के साथ किया गया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
कंपनी का कहना है कि शेयरों का मालिकाना हक और वोटिंग राइट्स प्रमोटर्स के पास ही रहेंगे, लेकिन बाजार के जानकारों का मानना है कि प्रमोटर्स द्वारा इतनी बड़ी संख्या में शेयरों को लॉक करना रिस्क प्रोफाइल को प्रभावित कर सकता है। अगर कंपनी भविष्य में कर्ज चुकाने में कोई चूक करती है, तो लेंडर्स इन शेयरों पर सख्त रुख अपना सकते हैं। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे कंपनी के डेट-सर्विसिंग (Debt-servicing) और भविष्य के फाइनेंशियल नतीजों पर बारीकी से नजर रखें।
