Lloyds Metals and Energy Ltd के प्रमोटर्स ने कंपनी के लोन के लिए SBICAP Trustee के साथ नॉन-डिस्पोजल अंडरटेकिंग (NDU) साइन की है। यह एग्रीमेंट कुल शेयर कैपिटल के **27.05%** हिस्से को कवर करता है, लेकिन इसमें वोटिंग राइट्स का ट्रांसफर शामिल नहीं है।
क्या है यह पूरा मामला?
Lloyds Metals and Energy Ltd (LMEL) के प्रमोटर्स और प्रमोटर ग्रुप ने कंपनी की लोन जरूरतों को पूरा करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया है कि उन्होंने 15.2 करोड़ से अधिक शेयरों के लिए नॉन-डिस्पोजल अंडरटेकिंग (NDU) बनाई है, जो कंपनी की कुल इक्विटी का 27.05% है।
निवेशकों के लिए राहत की बात
सबसे अहम बात यह है कि यह एग्रीमेंट कोई साधारण 'शेयर प्लेज' (Pledge) नहीं है। इस व्यवस्था के तहत:
- ओनरशिप: शेयरों का मालिकाना हक प्रमोटर्स के पास ही रहेगा।
- वोटिंग राइट्स: मैनेजमेंट कंट्रोल और वोटिंग अधिकार पूरी तरह से प्रमोटर्स के पास सुरक्षित हैं।
- नेचर: यह केवल एक सिक्योरिटी है, जिसका मतलब है कि इन शेयरों को बाजार में बेचा नहीं जा सकता जब तक लोन की शर्तें पूरी नहीं होतीं।
प्रमुख हिस्सेदारी और आंकड़े
NDU के तहत कवर किए गए मुख्य प्रमोटर्स में शामिल हैं:
- Thriveni Earthmovers Pvt Ltd: 16% हिस्सेदारी (9.08 करोड़ शेयर)
- Sky United LLP: 3.55% हिस्सेदारी (2 करोड़ शेयर)
- गुप्ता परिवार (मुकेश, मधुर, प्रियंका और श्रीकृष्ण): प्रत्येक की 1.60% हिस्सेदारी
- Crosslink Food and Farms Private Limited: 1.10% हिस्सेदारी
यह कदम कंपनी द्वारा लिए गए रुपी टर्म लोन फैसिलिटी को सिक्योर करने के लिए उठाया गया है। निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह कॉरपोरेट फाइनेंस का एक स्टैंडर्ड तरीका है, जिससे कंपनी अपनी वर्किंग कैपिटल या एक्सपेंशन के लिए फंड जुटाती है बिना मैनेजमेंट पर पकड़ ढीली किए।
