Linde India Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! कंपनी ने दिया **23%** ज्यादा मुनाफे का तोहफा, **120%** डिविडेंड का ऐलान

BANKINGFINANCE
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Linde India Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! कंपनी ने दिया **23%** ज्यादा मुनाफे का तोहफा, **120%** डिविडेंड का ऐलान

Linde India के शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर है! कंपनी ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में **23%** की ज़बरदस्त ग्रोथ के साथ **₹550.87 करोड़** का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। इसके साथ ही, कंपनी ने **120%** का मोटा डिविडेंड देने की सिफारिश की है।

Linde India का दमदार प्रदर्शन, मुनाफा 23% बढ़ा

Linde India Limited ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने ₹2,530.64 करोड़ का स्टैंडअलोन रेवेन्यू दर्ज किया है। वहीं, स्टैंडअलोन EBITDA में 17.2% का इजाफा हुआ, जो ₹976.38 करोड़ रहा। सबसे खास बात यह है कि कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स पिछले साल के मुकाबले 23% बढ़कर ₹550.87 करोड़ पहुंच गया है।

बोर्ड ने सुझाया 120% डिविडेंड

कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शेयरधारकों को मालामाल करने की तैयारी कर ली है। बोर्ड ने 120% डिविडेंड देने की सिफारिश की है, जो कि ₹12 प्रति इक्विटी शेयर होगा। इसमें 40% (यानी ₹4 प्रति शेयर) का सामान्य डिविडेंड और 80% (यानी ₹8 प्रति शेयर) का स्पेशल डिविडेंड शामिल है।

क्यों है ये अहम?

मुनाफे में यह शानदार ग्रोथ और भारी-भरकम डिविडेंड का ऐलान कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति और शेयरधारकों को वैल्यू लौटाने की प्रतिबद्धता को दिखाता है। हालांकि, SEBI के साथ संबंधित पक्ष लेनदेन (RPTs) को लेकर चल रहा कानूनी मामला अभी भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

प्रोजेक्ट इंजीनियरिंग डिवीजन का हाल

कंपनी के प्रोजेक्ट इंजीनियरिंग डिवीजन (PED) के पास 31 मार्च, 2026 तक ₹2,465.30 करोड़ का ऑर्डर बैकलॉग है। हालांकि, प्रोजेक्ट की टाइमिंग के कारण इस डिवीजन के रेवेन्यू में पिछले साल के मुकाबले 9.5% की गिरावट आई है और यह ₹402.50 करोड़ रहा। यह डिवीजन स्टील, रिफाइनरी और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे अहम सेक्टर्स के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना हुआ है।

आगे क्या?

निवेशकों की नजरें अब SEBI के साथ चल रहे RPT मुकदमे के नतीजों पर टिकी हैं, जो सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। 5 मार्च, 2026 को हुई एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में कुछ RPTs के रेजोल्यूशन को शेयरधारकों द्वारा खारिज कर दिया जाना, कंपनी के गवर्नेंस को लेकर सवाल खड़े करता है।

जोखिम पर नजर

Linde India के लिए सबसे बड़ा जोखिम SEBI के साथ RPTs की materiality threshold को लेकर चल रहा कानूनी मामला है। हाल ही में शेयरधारकों का RPT रेजोल्यूशन के खिलाफ वोट इसी ओर इशारा करता है।

भविष्य में क्या देखें?

निवेशकों को सुप्रीम कोर्ट में SEBI RPT केस की सुनवाई पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। इसके अलावा, प्रोजेक्ट इंजीनियरिंग डिवीजन का प्रदर्शन और उसके बैकलॉग में उसका योगदान भी महत्वपूर्ण रहेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.