Linde India ने जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **21.5%** बढ़कर **₹694.36 करोड़** हो गया है। वहीं, कंपनी ने नए CFO के तौर पर **Vikash Dokania** को नियुक्त किया है। हालांकि, SEBI की जांच और सुप्रीम कोर्ट में चल रहे केस के कारण कंपनी पर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।
Linde India के नतीजे: रेवेन्यू में उछाल, पर चिंताएं बरकरार
Linde India ने जून 2026 तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 21.5% का शानदार उछाल देखा गया है। यह बढ़कर ₹694.36 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹571.08 करोड़ था।
नए CFO की हुई नियुक्ति
इन नतीजों के साथ ही, कंपनी ने Vikash Dokania को 15 सितंबर, 2026 से प्रभावी रूप से नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त करने की घोषणा की है। वह Ajay Kumar Sah का स्थान लेंगे, जो अंतरिम CFO के तौर पर काम कर रहे थे।
मुनाफे में हल्की गिरावट
हालांकि, कंपनी का नेट प्रॉफिट इस तिमाही में ₹103.03 करोड़ रहा, जो पिछले साल की ₹105.07 करोड़ की तुलना में थोड़ा कम है। इसी तरह, अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी ₹12.08 रहा, जो पिछले साल ₹12.32 था।
जांच और मुकदमे का असर
कंपनी के लिए सबसे बड़ी चिंता SEBI द्वारा चल रही जांच और सुप्रीम कोर्ट में चल रहा मामला है। ये मामले पुराने रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन से जुड़े हैं, जिनका कंपनी के वित्तीय नतीजों पर क्या असर पड़ेगा, यह फिलहाल साफ नहीं है। ऑडिटर ने भी इस बात पर जोर दिया है कि इन कानूनी और रेगुलेटरी प्रक्रियाओं का अंतिम वित्तीय प्रभाव अभी तय नहीं किया जा सकता है।
क्या है पूरा मामला?
Linde India और Praxair India Private Limited के बीच हुए कुछ पुराने लेन-देन के मूल्यांकन को लेकर विवाद चल रहा है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है और कोर्ट ने कहा है कि किसी भी कार्रवाई से पहले उन्हें सूचित किया जाए।
आगे क्या?
निवेशकों को इस मामले पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले और SEBI की जांच के नतीजों का कंपनी के भविष्य पर बड़ा असर पड़ सकता है।
