Leading Leasing Finance and Investment Company Ltd ने अपनी 42वीं AGM में बड़े फैसले लिए हैं। कंपनी ने कर्ज को इक्विटी में बदलने और भारी मात्रा में वारंट जारी करने की मंजूरी दे दी है।
कर्ज से मुक्ति की रणनीति
कंपनी ने अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। 42वीं AGM में शेयरहोल्डर्स ने अनसिक्योर्ड लोन को 35.71 करोड़ इक्विटी शेयरों में बदलने की मंजूरी दे दी है। इसके अलावा, कंपनी 70.93 करोड़ कन्वर्टिबल वारंट भी जारी करेगी, जिससे भविष्य में कैपिटल इन्फ्यूजन का रास्ता साफ हो गया है।
अहम नियुक्तियां और बदलाव
इस बैठक में केतनकुमार शिवभाई गोसाई (Ketankumar Shivabhai Gosai) को फिर से मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त किया गया है। साथ ही, कंपनी ने अपनी ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल बढ़ाने को भी हरी झंडी दे दी है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks)
कंपनी भले ही कर्ज कम कर रही है, लेकिन नए शेयर जारी होने से मौजूदा निवेशकों के लिए 'डाइल्यूशन' (Dilution) का असर देखने को मिल सकता है। नए शेयरों के बाजार में आने से मौजूदा शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी का प्रतिशत कम हो सकता है। अब निवेशकों को यह देखना होगा कि इस कर्ज में कमी से कंपनी की भविष्य की प्रॉफिटेबिलिटी पर कैसा असर पड़ता है।
