Leading Leasing Finance and Investment Company अपनी 42वीं AGM में बड़ा कैपिटल रिस्ट्रक्चरिंग प्लान पेश करने जा रही है। कंपनी अपने ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल को बढ़ाकर **₹164 करोड़** करेगी और अनसिक्योर्ड लोन चुकाने के लिए **₹149 करोड़** के इक्विटी शेयर और वारंट जारी करेगी।
बड़ा कैपिटल एक्सपेंशन प्लान
कंपनी ने अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। 26 सितंबर, 2026 को होने वाली 42वीं AGM में कंपनी ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल को ₹60 करोड़ से बढ़ाकर ₹164 करोड़ करने की मंजूरी मांगेगी। इस योजना के तहत कंपनी ₹149 करोड़ के इक्विटी शेयर और कन्वर्टिबल वारंट जारी करने की तैयारी में है।
डेट-टू-इक्विटी कन्वर्जन
इस फंड का मुख्य उद्देश्य कंपनी के अनसिक्योर्ड लोन को खत्म करना है। कंपनी ₹1.40 प्रति शेयर के भाव पर 35.7 करोड़ इक्विटी शेयर जारी करेगी, जिससे ₹49.99 करोड़ का कर्ज कम होगा। इसके अलावा, 70.9 करोड़ कन्वर्टिबल वारंट भी ₹1.40 प्रति वारंट के हिसाब से जारी किए जाएंगे, जिससे ₹99.30 करोड़ जुटाने का लक्ष्य है।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
यह कदम कंपनी के डेट-टू-इक्विटी रेशियो में तो सुधार लाएगा, लेकिन मौजूदा शेयरधारकों के लिए 'इक्विटी डाइल्यूशन' का खतरा बढ़ गया है। बड़ी संख्या में नए शेयर और वारंट बाजार में आने से भविष्य में अर्निंग्स पर शेयर (EPS) पर असर पड़ सकता है।
आगे का रोडमैप
निवेशक 19 सितंबर, 2026 की कट-ऑफ डेट पर नजर रखें, जिसके बाद वोटिंग प्रक्रिया 23 से 25 सितंबर तक चलेगी। वारंट्स के लिए 18 महीने की कन्वर्जन विंडो निवेशकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यही सप्लाई-साइड प्रेशर तय करेगी। इसके साथ ही, मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर Ketankumar Shivabhai Gosai की री-अपॉइंटमेंट भी इसी AGM का अहम हिस्सा है।
