Leading Leasing Finance: मुनाफे में वापसी पर ऑडिटर ने उठाए सवाल, शेयरहोल्डर्स के लिए चिंता

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Leading Leasing Finance: मुनाफे में वापसी पर ऑडिटर ने उठाए सवाल, शेयरहोल्डर्स के लिए चिंता

Leading Leasing Finance ने सितंबर तिमाही में **₹1.44 करोड़** का मुनाफा दर्ज कर घाटे से उबरने की कोशिश की है। लेकिन ऑडिटर्स ने टैक्स और कंपनी के कामकाज की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुनाफे का गणित और विवाद

सितंबर 2026 की तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹1.44 करोड़ रहा है, जबकि जून तिमाही में कंपनी को ₹20.36 करोड़ का बड़ा नुकसान हुआ था। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू घटकर ₹18.45 करोड़ रह गया, जो पिछली तिमाही में ₹120.13 करोड़ था।

ऑडिटर की कड़ी चेतावनी

कंपनी के स्टेट्युटरी ऑडिटर 'S K Bhavsar & Co.' ने 'Emphasis of Matter' जारी किया है, जो कंपनी के फाइनेंशियल हेल्थ पर बड़ा सवाल है। मुख्य चिंताएं ये हैं:

  • अनपेड TDS: कंपनी ने इस फाइनेंशियल ईयर में ₹1.96 करोड़ का TDS जमा नहीं किया है और न ही इस पर कोई ब्याज प्रोविजन किया गया है।
  • वेरिफिकेशन का संकट: ऑडिटर का कहना है कि कंपनी द्वारा दिए गए लोन और लिए गए अनसिक्योर्ड लोन की पुष्टि करना मुश्किल है।
  • ट्रेडिंग डेटा की अस्पष्टता: शेयरों की खरीद-बिक्री के आंकड़ों का ब्रोकर लेजर या कॉन्ट्रैक्ट नोट्स से मिलान नहीं हो पा रहा है।

क्या है आगे की राह?

बीते साल की समान तिमाही के मुकाबले, कंपनी का मुनाफा ₹1.70 करोड़ से घटकर ₹1.44 करोड़ रहा है, जबकि रेवेन्यू में ₹11.09 करोड़ से सुधार देखा गया है। कंपनी का बेसिक EPS फिलहाल ₹0.03 है। निवेशकों को अब कंपनी के मैनेजमेंट की तरफ से सफाई का इंतजार है, क्योंकि पारदर्शिता की कमी लंबे समय के लिए रिस्क पैदा कर सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.