Leading Leasing Finance and Investment Company ने BSE और MSE को दी गई अपनी अर्जी वापस ले ली है। कंपनी ने **35.71 करोड़** इक्विटी शेयर और **70.94 करोड़** कन्वर्टिबल वारंट जारी करने की बड़ी योजना को अचानक रद्द कर दिया है।
फैसले का असर और कंपनी का स्टैंड
5 अक्टूबर, 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग में कंपनी ने अपने कैपिटल-रिस्ट्रक्चरिंग प्लान को पूरी तरह से रोकने का फैसला लिया। इस निर्णय के साथ ही 35.71 करोड़ इक्विटी शेयर, जिन्हें लोन-टू-इक्विटी कन्वर्जन के लिए इस्तेमाल किया जाना था, और 70.94 करोड़ कन्वर्टिबल वारंट जारी करने की प्रक्रिया को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
निवेशकों के लिए क्या है जोखिम?
इस अचानक लिए गए फैसले से निवेशकों के बीच अनिश्चितता बढ़ गई है। कंपनी ने इस बदलाव की कोई ठोस वजह स्पष्ट नहीं की है, जिससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि अब कंपनी उन लोन ऑब्लिगेशन्स (Loan Obligations) को कैसे सेटल करेगी, जिन्हें शेयर में बदलने की योजना थी। बिना किसी स्पष्टीकरण के इस तरह का यू-टर्न कंपनी के गवर्नेंस और भविष्य की फंडिंग रोडमैप पर सवाल खड़े करता है।
आगे क्या देखें?
शेयरधारकों को अब कंपनी के मैनेजमेंट की अगली आधिकारिक स्टेटमेंट पर नजर रखनी चाहिए। कर्ज चुकाने (Debt Repayment) या पूंजी जुटाने की कोई वैकल्पिक रणनीति सामने आती है, तो वही कंपनी की वित्तीय सेहत तय करेगी। फिलहाल के लिए, शेयर कैपिटल स्ट्रक्चर में होने वाला बड़ा बदलाव टल गया है, लेकिन अनिश्चितता बरकरार है।
