Leading Leasing Finance and Investment Company ने अपने कैपिटल स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव का ऐलान किया है। कंपनी ने अधिकृत पूंजी को **₹164 करोड़** तक बढ़ाने और कर्ज चुकाने के लिए **35 करोड़** से ज्यादा नए शेयर जारी करने का फैसला लिया है।
कैपिटल रीस्ट्रक्चरिंग का मास्टर प्लान
बोर्ड ने कंपनी की अधिकृत शेयर कैपिटल को मौजूदा ₹60 करोड़ से बढ़ाकर ₹164 करोड़ करने की मंजूरी दे दी है। इस प्रस्ताव पर कंपनी की आगामी 42वीं AGM (Annual General Meeting) में मुहर लगाई जाएगी।
कर्ज कम करने की कवायद
कंपनी अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए दो बड़े कदम उठा रही है:
- डेट-टू-इक्विटी कन्वर्जन: कंपनी अपने अनसिक्योर्ड लोन को खत्म करने के लिए 35,71,42,856 नए शेयर जारी करेगी। इन शेयरों का भाव ₹1.40 प्रति शेयर तय किया गया है।
- वारंट का दांव: बोर्ड ने 51 अलॉटीज को 70,93,57,119 कन्वर्टिबल वारंट जारी करने की मंजूरी दी है। हर वारंट की कीमत ₹1.40 है और इसे 18 महीने के भीतर इक्विटी शेयर में बदला जा सकेगा।
निवेशकों के लिए चेतावनी
यद्यपि यह कदम कंपनी का कर्ज बोझ कम करने और उसे आर्थिक रूप से राहत देने के लिए है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में नए शेयरों का इश्यू मौजूदा शेयरधारकों के लिए इक्विटी डाइल्यूशन (Equity Dilution) का खतरा लेकर आया है। इससे भविष्य में अर्निंग पर शेयर (EPS) पर दबाव पड़ सकता है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों की नजरें अब 42वीं AGM के नतीजों पर टिकी हैं। वोटिंग के लिए ई-वोटिंग (E-voting) विंडो 23 सितंबर से 25 सितंबर 2026 तक खुली रहेगी, जबकि बुक क्लोजर 20 सितंबर से 26 सितंबर 2026 तक प्रभावी होगा।
