Laxmipati Engineering Works Ltd अपनी 15वीं AGM में अपने उधार लेने की सीमा को ₹100 करोड़ से बढ़ाकर ₹200 करोड़ करने का प्रस्ताव रखेगी। यह बैठक 17 जुलाई 2026 को होगी, जिसमें एक एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर की पुनर्नियुक्ति पर भी चर्चा होगी।
Laxmipati Engineering Works Ltd: ₹200 करोड़ के उधार की मंजूरी मांगेगी कंपनी
Laxmipati Engineering Works Limited, अपनी 15वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) के लिए तैयार है, जो 17 जुलाई 2026 को आयोजित की जाएगी। कंपनी का मुख्य एजेंडा एक विशेष प्रस्ताव (Special Resolution) पारित कराना है, जिसके तहत उधार लेने की अपनी सीमा को मौजूदा ₹100 करोड़ से दोगुना कर ₹200 करोड़ करने का प्रस्ताव है।
क्या है खास?
कंपनी ने बताया है कि यह बढ़ी हुई उधार लेने की क्षमता, परिचालन की बढ़ती जरूरतों, कार्यशील पूंजी (Working Capital) और भविष्य की पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) योजनाओं को समर्थन देने के लिए आवश्यक है। इस प्रस्ताव को कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 180(1)(c) के तहत पारित कराने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी की आवश्यकता होगी।
प्रबंधन में निरंतरता
AGM में एक और महत्वपूर्ण एजेंडा श्री राकेश गोविंदप्रसाद सराडागी को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर पुनः नियुक्त करना है। श्री सराडागी, वित्त, प्रशासन और मानव संसाधन प्रबंधन में 28 वर्षों का अनुभव रखते हैं, जो कंपनी के प्रबंधन में स्थिरता का संकेत देता है।
निवेशकों के लिए मायने
यह कदम कंपनी की विकास योजनाओं और विस्तार की महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है। बढ़ी हुई वित्तीय लचीलापन (Financial Flexibility) कंपनी को बड़े निवेशों या अधिग्रहण के अवसर प्रदान कर सकता है। हालांकि, निवेशकों को यह भी ध्यान रखना होगा कि उधार बढ़ने से कंपनी पर वित्तीय बोझ और ब्याज लागत बढ़ सकती है।
महत्वपूर्ण तिथियां और प्रक्रिया
कंपनी ने यह भी सूचित किया है कि AGM वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यमों (VC/OAVM) से आयोजित की जाएगी। शेयरधारक 14 जुलाई से 16 जुलाई 2026 तक ई-वोटिंग (E-voting) के माध्यम से अपना मत दे सकेंगे। यह भी स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान में श्री राकेश गोविंदप्रसाद सराडागी का पारिश्रमिक (Remuneration) 'शून्य' है।
