Laxmi India Finance ने पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का मुनाफा **70%** बढ़कर **₹16.43 करोड़** पर पहुंच गया है, जबकि AUM में भी **27%** की दमदार ग्रोथ दर्ज की गई है।
मुनाफे और ग्रोथ का गणित
कंपनी ने चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में जबरदस्त रफ्तार पकड़ी है। ₹16.43 करोड़ के नेट प्रॉफिट के साथ-साथ कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 27% बढ़कर ₹1,721 करोड़ हो गया है। कुल डिस्बर्समेंट में 38% का उछाल देखा गया है, जो ₹230 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है। कंपनी का मुख्य फोकस अब भी सिक्योर्ड MSME लेंडिंग पर है, जो इसके बिजनेस पोर्टफोलियो का 80% से ज्यादा हिस्सा है।
ऑपरेशंस में सुधार
मैनेजमेंट की मेहनत का असर कंपनी की लागत पर भी दिखा है। IPO से पहले कंपनी की बॉरोइंग कॉस्ट 11.73% हुआ करती थी, जो अब घटकर 10.48% रह गई है। कंपनी ने अब अपनी फंडिंग के लिए बैंकों पर निर्भरता बढ़ाई है, जहां से 80% डेट आता है। कंपनी का लक्ष्य 30% CAGR से AUM बढ़ाने का है और इसके लिए वे इस साल 30-35 नई ब्रांच खोलने की योजना बना रहे हैं।
Upmoney एक्सपोजर और एसेट क्वालिटी
कंपनी ने ₹18-19 करोड़ के 'Upmoney' एक्सपोजर पर सफाई दी है। जून तक इसके खिलाफ 70% का प्रोविजन किया जा चुका है। अगर इस एक्सपोजर को हटा दें, तो कंपनी का ग्रॉस NPA महज 0.83% है, जो काफी सुरक्षित माना जा रहा है।
आगे का रास्ता और रिस्क
इन्वेस्टर्स को Upmoney से जुड़े रिजॉल्यूशन पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यह फिलहाल एसेट क्वालिटी के आंकड़ों को थोड़ा प्रभावित कर रहा है। इसके अलावा, कंपनी ने गोल्ड लोन और सप्लाई-चेन फाइनेंसिंग के प्लान को फिलहाल टाल दिया है। अब देखना होगा कि उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में कंपनी का विस्तार कैसा रहता है और क्या वे 11.36% के मौजूदा नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) को बनाए रख पाते हैं या नहीं।
