Landsmill Green ने FY26 के नतीजे किए जारी
Landsmill Green Limited ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड नतीजों का ऐलान किया है। कंपनी ने स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में 9.26% की बढ़त दर्ज की है, जो ₹1.41 करोड़ (यानी ₹141.36 लाख) रहा। यह पिछले साल, FY25 में ₹1.29 करोड़ था। वहीं, कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 35.86% का इजाफा हुआ और यह ₹0.94 करोड़ (या ₹93.93 लाख) तक पहुंच गया, जो FY25 में ₹0.69 करोड़ था।
बिक्री घटने के बावजूद मुनाफे में ग्रोथ
कंपनी की फाइनेंशियल रिपोर्ट में यह साफ दिख रहा है कि ऑपरेशन्स से होने वाली रेवेन्यू में बड़ी गिरावट के बावजूद मुनाफे में सुधार हुआ है। FY26 में स्टैंडअलोन रेवेन्यू 33.92% घटकर ₹12.77 करोड़ रह गया, जबकि FY25 में यह ₹19.33 करोड़ था। इसी तरह, कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू भी 34.18% गिरकर ₹12.40 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹18.84 करोड़ था।
ऑडिटर की राय और भविष्य की राह
Landsmill Green को अपने FY26 के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर ऑडिटर से अनमॉडिफाइड (unmodified) राय मिली है, जो कंपनी के अनुपालन और सटीकता को दर्शाता है। कंपनी IT सेल्स, इंफ्रा एक्टिविटी और ट्रेडिंग एक्टिविटी जैसे सेगमेंट्स में काम करती है। ऑडिटेड नतीजों के फाइनल होने के साथ ही, कंपनी के अंदरूनी लोगों के लिए ट्रेडिंग विंडो 29 मई, 2026 को फिर से खुलेगी।
निवेशकों के लिए चिंता का सबब
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता रेवेन्यू में लगातार आ रही गिरावट है। इस घटते ट्रेंड को पलटना कंपनी के लॉन्ग-टर्म ग्रोथ और फाइनेंशियल हेल्थ के लिए बेहद जरूरी है। निवेशक मैनेजमेंट की उन रणनीतियों पर नजर रखेंगे जिनसे इस चुनौती से निपटा जा सके और साथ ही मौजूदा मुनाफे के स्तर को बनाए रखा जा सके।
