L&T Finance के Q2 के प्रोविजनल नतीजे सामने आए हैं, जिसमें कंपनी का रिटेल डिस्बर्समेंट **27%** बढ़कर **₹24,000 करोड़** पर पहुंच गया है। रिटेल लोन बुक अब बढ़कर **₹1,34,500 करोड़** हो गई है, जो कंपनी के होलसेल से रिटेल में पूरी तरह शिफ्ट होने की कहानी को पुख्ता करती है।
Q2 में शानदार परफॉर्मेंस
कंपनी ने 30 सितंबर, 2026 को खत्म हुई तिमाही के लिए अपने प्रोविजनल आंकड़े जारी किए हैं। पिछले साल की समान अवधि की तुलना में रिटेल लोन बुक में 29% का भारी विस्तार देखने को मिला है। खास बात यह है कि कंपनी का 'रिटेललाइजेशन' (Retailisation) लेवल अब 99% तक पहुंच चुका है, जो पिछले साल 98% था।
कहाँ से आई यह ग्रोथ?
इस दमदार प्रदर्शन के पीछे Urban Finance का बड़ा हाथ रहा, जिसका डिस्बर्समेंट ₹8,143 करोड़ से बढ़कर ₹10,320 करोड़ हो गया। इसके अलावा, Gold Finance सेगमेंट तो और भी तेज रहा, जहाँ डिस्बर्समेंट तीन गुना से ज्यादा उछलकर ₹3,230 करोड़ दर्ज किया गया। Rural और Farmer Finance सेगमेंट ने भी पोर्टफोलियो को मजबूती दी है।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risks to watch)
फिलहाल ये आंकड़े प्रोविजनल हैं और ऑडिट बाकी है। निवेशकों को आने वाली पूरी फाइनेंशियल रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए ताकि यह साफ हो सके कि इतनी तेजी के बीच कंपनी ने एसेट क्वालिटी और क्रेडिट कॉस्ट को कैसे मैनेज किया है। मार्केट की नजर अब नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) पर रहेगी कि क्या कंपनी गोल्ड फाइनेंस जैसे हाई-ग्रोथ सेगमेंट से सस्टेनेबल मुनाफा निकाल पाएगी या नहीं।
