L&T Finance का दमदार मुनाफा! ₹916 करोड़ नेट प्रॉफिट, पूर्व RBI अधिकारी Prashant Kumar बने डायरेक्टर

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
L&T Finance का दमदार मुनाफा! ₹916 करोड़ नेट प्रॉफिट, पूर्व RBI अधिकारी Prashant Kumar बने डायरेक्टर

L&T Finance ने जून 2026 को समाप्त तिमाही में ₹916 करोड़ का कंसोलिडेटेड मुनाफा दर्ज किया है। कंपनी ने पूर्व Yes Bank के संकटमोचक Prashant Kumar को एडिशनल डायरेक्टर भी नियुक्त किया है।

L&T Finance के नतीजे: क्या है खास?

L&T Finance ने 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए ₹915.99 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (Consolidated Net Profit) घोषित किया है। वहीं, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) ₹5,212.92 करोड़ रहा। स्टैंडअलोन बेसिस पर देखें तो कंपनी ने ₹895.32 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है।

Prashant Kumar की हुई नियुक्ति

कंपनी के बोर्ड ने प्रशांत कुमार को 5 साल के लिए एडिशनल (इंडिपेंडेंट) डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। प्रशांत कुमार बैंकिंग सेक्टर के अनुभवी व्यक्ति हैं और Yes Bank के RBI-समर्थित पुनर्गठन में उनकी अहम भूमिका रही है।

क्यों है यह अहम?

कंपनी के लगातार स्थिर नतीजे इसके मुख्य बिजनेस ऑपरेशन्स में मजबूती का संकेत देते हैं। वहीं, संकट से उबरने का अनुभव रखने वाले प्रशांत कुमार जैसे बैंकर की नियुक्ति को कॉर्पोरेट गवर्नेंस के लिहाज से सकारात्मक माना जा रहा है। हालांकि, प्रोजेक्ट फाइनेंस जैसे कुछ सेगमेंट्स में एसेट क्वालिटी पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।

बैकस्टोरी

L&T Finance भारत की एक प्रमुख नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है, जो L&T ग्रुप का हिस्सा है। कंपनी रिटेल, होलसेल और हाउसिंग फाइनेंस पर फोकस कर रही है। प्रशांत कुमार इससे पहले Yes Bank के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) रह चुके हैं और वहां कंपनी को उबारने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी।

आगे क्या?

प्रशांत कुमार की नियुक्ति से कंपनी के बोर्ड को स्वतंत्र विशेषज्ञता का सहारा मिला है। इसके अलावा, नाभा पावर लिमिटेड को 'प्रमोटर ग्रुप' से 'पब्लिक' कैटेगरी में री-क्लासिफाई करने से शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर आसान हुआ है। कर्मचारियों के लिए स्टॉक ऑप्शंस के तहत शेयर अलॉटमेंट एक सामान्य प्रक्रिया है।

जोखिम पर नजर

निवेशकों को प्रोजेक्ट फाइनेंस सेगमेंट पर खास ध्यान देना चाहिए। एक अकाउंट में ₹300.41 करोड़ का बकाया है, जिसके लिए रिजोल्यूशन प्लान लागू किया जा रहा है। वहीं, ₹218.93 करोड़ के एक अन्य अकाउंट में रिजोल्यूशन प्लान फेल हो गया था। पर्सनल लोन के को-लेंडिंग (Co-lending) में भी छोटे हिस्से के लोन नॉन-परफॉर्मिंग (NPA) हैं।

पीयर कंपेरिजन (Peer Comparison)

L&T Finance एक कॉम्पिटिटिव NBFC मार्केट में काम करती है। इसकी प्रॉफिटेबिलिटी और एसेट क्वालिटी की तुलना HDFC Ltd, Bajaj Finance और अन्य बड़ी NBFCs से की जानी चाहिए। कंपनी का 4.09 का कंसोलिडेटेड डेट-इक्विटी रेशियो (Debt-Equity Ratio) एक महत्वपूर्ण मेट्रिक है जिस पर नजर रखनी होगी।

प्रमुख आंकड़े (As of June 30, 2026)

  • कंसोलिडेटेड PAT: ₹915.99 करोड़
  • कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: ₹5,212.92 करोड़
  • स्टैंडअलोन PAT: ₹895.32 करोड़
  • कंसोलिडेटेड डेट-इक्विटी रेशियो: 4.09
  • एक्टिव को-लेंडिंग अरेंजमेंट (Gross Outstanding): ₹2,103.08 करोड़
  • प्रोजेक्ट फाइनेंस: 4 प्रोजेक्ट्स अंडर इम्प्लीमेंटेशन, ₹893.22 करोड़ बकाया।

आगे क्या ट्रैक करें?

निवेशक प्रोजेक्ट फाइनेंस अकाउंट के रिजोल्यूशन प्लान की प्रगति और को-लेंडिंग बुक के परफॉर्मेंस पर बारीकी से नजर रखेंगे। कंपनी की विभिन्न फाइनेंशियल सर्विसेज आर्म्स की स्ट्रेटेजिक डायरेक्शन और इंटीग्रेशन भी महत्वपूर्ण रहेगा।

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