LIC का प्रमोटर स्टेक घटा! सरकार ने 6.50% हिस्सेदारी बेची, अब 90% होल्डिंग

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
LIC का प्रमोटर स्टेक घटा! सरकार ने 6.50% हिस्सेदारी बेची, अब 90% होल्डिंग

राष्ट्रपति (President) की ओर से लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (LIC) में **6.50%** हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेच दी गई है। प्रमोटर की होल्डिंग अब **96.50%** से घटकर **90%** रह गई है।

LIC में सरकार का हिस्सा कम

राष्ट्रपति (President) की ओर से लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (LIC) में 6.50% हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेच दी गई है। इस बिक्री के बाद, प्रमोटर की हिस्सेदारी 96.50% से घटकर 90% पर आ गई है।

कितने शेयर बेचे गए?

जानकारी के अनुसार, कुल 12,64,99,95,402 इक्विटी कैपिटल में से, प्रमोटर यानी राष्ट्रपति के पास पहले 12,20,72,45,562 शेयर (96.50%) थे। OFS के तहत 82,23,33,558 शेयर (6.50%) बेचे गए, जिसके बाद अब 11,38,49,12,004 शेयर (90.00%) बचे हैं।

क्यों यह महत्वपूर्ण है?

इस कदम से LIC की शेयरहोल्डिंग संरचना में बड़ा बदलाव आया है। प्रमोटर की हिस्सेदारी में कमी से पब्लिक फ्लोट (Public Float) बढ़ेगा, जिससे स्टॉक की लिक्विडिटी (Liquidity) में सुधार हो सकता है और यह ज्यादा निवेशकों के लिए सुलभ हो सकता है।

पूरी कहानी

वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) ने 4-5 अगस्त 2026 को LIC शेयरों का OFS आयोजित किया था। इसमें 2.50% का बेस ऑफर साइज और 4.00% का ओवरसब्सक्रिप्शन (Oversubscription) विकल्प शामिल था, जो कुल मिलाकर इक्विटी का 6.50% था।

क्या बदलेगा?

शेयरधारिता पैटर्न (Shareholding Pattern) आधिकारिक तौर पर बदल गया है। अब सरकार के पास 90% हिस्सेदारी है और बाकी 10% पब्लिक के पास (कर्मचारी आवंटन के अलावा) है। यह बदलाव LIC के लिस्टेड एंटिटी (Listed Entity) के तौर पर महत्वपूर्ण है।

जोखिम पर नजर

हालांकि यह एक प्रक्रियात्मक विनिवेश (Disinvestment) है, भविष्य में सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर हिस्सेदारी की बिक्री स्टॉक की कीमतों पर दबाव डाल सकती है। लेकिन, तत्काल प्रभाव बाजार की लिक्विडिटी को बेहतर बनाने पर केंद्रित है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.