LIC Housing Finance: निवेशकों को ₹10 का डिविडेंड! ₹55,000 करोड़ जुटाने की तैयारी

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
LIC Housing Finance: निवेशकों को ₹10 का डिविडेंड! ₹55,000 करोड़ जुटाने की तैयारी

LIC Housing Finance ने ₹10 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड का प्रस्ताव दिया है और ₹55,000 करोड़ के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी करने की मंजूरी मांगी है। शेयरधारकों को 30 सितंबर, 2026 की समय सीमा से पहले लाभांश का दावा करने की सलाह दी गई है, अन्यथा यह IEPF में ट्रांसफर हो जाएगा।

LIC Housing Finance का बड़ा ऐलान!

LIC Housing Finance ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹10 प्रति इक्विटी शेयर फाइनल डिविडेंड देने का प्रस्ताव रखा है। साथ ही, कंपनी शेयरधारकों से ₹55,000 करोड़ तक के रिडीमेबल नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) या अन्य टियर II कैपिटल इंस्ट्रूमेंट्स को प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जारी करने की मंजूरी भी मांगेगी।

क्यों अहम है यह खबर?

प्रस्तावित डिविडेंड सीधे शेयरधारकों को लाभ देगा। वहीं, NCD के जरिए बड़ी रकम जुटाने की योजना कंपनी की भविष्य की ग्रोथ और ऑपरेशनल लिक्विडिटी को मजबूत करने की रणनीति को दर्शाती है। ये दोनों फैसले आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेंगे।

कंपनी की पुरानी रणनीति

LIC Housing Finance की मौजूदा कुल उधार सीमा ₹4,00,000 करोड़ है। यह प्रस्तावित NCD इश्यू इसी सीमा के अंदर रहेगा, जिससे कंपनी का कैपिटल मैनेजमेंट मजबूत बना रहेगा।

आगे क्या?

37वीं AGM, जो 28 अगस्त, 2026 को होनी है, में इन प्रस्तावों पर वोटिंग होगी। अगर मंजूरी मिलती है, तो कंपनी डिविडेंड बांटने और NCD जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर सकेगी। डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट शुक्रवार, 21 अगस्त, 2026 तय की गई है।

ध्यान देने योग्य बातें

शेयरधारकों को फाइनेंशियल ईयर 2018-19 के लावारिस डिविडेंड का दावा 30 सितंबर, 2026 से पहले करने की याद दिलाई गई है, ताकि यह इन्वेस्टर एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड (IEPF) में ट्रांसफर न हो। फाइनेंशियल ईयर 2017-18 के लिए ₹0.09466 करोड़ IEPF में ट्रांसफर किए गए थे। साल 2025 तक, कुल 64,627 इक्विटी शेयर्स IEPF को ट्रांसफर किए जा चुके हैं।

जिन निवेशकों के शेयर फिजिकल रूप में हैं, उन्हें उन्हें डीमैटेरियलाइज्ड कराने की सलाह दी जाती है।

क्या होगा आगे?

निवेशकों को AGM के नतीजों पर नज़र रखनी चाहिए, खासकर डिविडेंड और NCD इश्यू की मंजूरी को लेकर। साथ ही, डिविडेंड पर सही TDS कटौती के लिए अपने डिटेल्स अपडेट रखना और बकाया डिविडेंड का दावा समय सीमा से पहले करना महत्वपूर्ण होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.