LIC Housing Finance ने Q2 FY27 के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹1,508.78 करोड़** पर पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी तिमाही में **₹1,353.87 करोड़** था।
मुनाफे की रफ्तार
कंपनी के बोर्ड द्वारा मंजूर नतीजों के मुताबिक, Q2 में ऑपरेशनल रेवेन्यू बढ़कर ₹7,175.08 करोड़ दर्ज किया गया है। कंपनी का अर्निंग पर शेयर (EPS) भी बढ़कर ₹27.43 हो गया है, जो पिछले साल ₹24.61 था। अगर छमाही (H1) नतीजों की बात करें, तो कंपनी ने ₹2,997.10 करोड़ का मुनाफा कमाया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा ₹2,713.79 करोड़ था।
लोन पोर्टफोलियो में बदलाव
इस तिमाही में कंपनी ने अपने लोन बुक में एक बड़ा ढांचागत बदलाव किया है। कंपनी ने ₹19,610 करोड़ के लोन पोर्टफोलियो को 'हाउसिंग फाइनेंस' से 'नॉन-हाउसिंग फाइनेंस' श्रेणी में री-क्लासिफाई (Reclassify) किया है। मैनेजमेंट के अनुसार, इसका कंपनी की कुल एसेट क्वालिटी पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
निवेशकों के लिए अहम जानकारी
सितंबर 2026 में कंपनी ने ₹10 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड भी दिया है। वहीं, नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के लिए सिक्योरिटी कवर 1.24 गुना बना हुआ है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे भविष्य की डिस्क्लोजर रिपोर्ट पर नजर रखें ताकि यह पता चल सके कि पोर्टफोलियो री-क्लासिफिकेशन का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो पर क्या असर पड़ता है।
