LIC Housing Finance ने अपनी 37वीं सालाना आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों के लिए प्रति शेयर **₹10** का डिविडेंड प्रस्तावित किया है। इसके साथ ही कंपनी ने भविष्य में **₹55,000 करोड़** तक कर्ज जुटाने की मंजूरी मांगी है।
डिविडेंड और कर्ज की बड़ी योजना
LIC Housing Finance की 37वीं सालाना आम बैठक (AGM) में निवेशकों के लिए अहम फैसले लिए गए हैं। कंपनी ने बोर्ड की सिफारिश पर प्रति इक्विटी शेयर ₹10 का डिविडेंड देने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा, कंपनी अपनी लिक्विडिटी को मजबूत करने के लिए नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए ₹55,000 करोड़ तक की राशि जुटाने के लिए शेयरधारकों से अनुमति मांग रही है। यह कदम कंपनी की भविष्य की पूंजी प्रबंधन रणनीति (Capital Management Strategy) का हिस्सा है।
ऑडिट रिपोर्ट रही बेदाग
मीटिंग के दौरान चेयरपर्सन श्री आर. दोराईस्वामी ने यह स्पष्ट किया कि कंपनी की सभी वैधानिक और सेक्रेटेरियल ऑडिट रिपोर्ट 'unqualified' रही हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि कंपनी की फाइनेंशियल डिस्क्लोजर और गवर्नेंस प्रैक्टिस को ऑडिट में क्लीन चिट मिली है, जो निवेशकों के भरोसे के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
आगे क्या होगा?
मीटिंग में वित्तीय वर्ष 2025-26 के स्टेटमेंट और डायरेक्टर पी. कोटेश्वर राव की दोबारा नियुक्ति समेत चार मुख्य एजेंडों पर चर्चा हुई। हालांकि इन प्रस्तावों पर अंतिम मुहर वोटिंग नतीजों के बाद लगेगी। कंपनी ने कहा है कि स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट के साथ कंसोलिडेटेड वोटिंग परिणाम अगले दो वर्किंग दिनों में स्टॉक एक्सचेंज पर जारी कर दिए जाएंगे।
