भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में **19.2%** की बढ़त के साथ यह **₹57,419 करोड़** रहा। वहीं, कंपनी का वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस (VNB) मार्जिन भी बढ़कर **21.2%** हो गया। लेकिन, इस बीच कंपनी के CFO सुनील अग्रवाल ने इस्तीफा दे दिया है।
LIC का शानदार वित्तीय प्रदर्शन
भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने वित्त वर्ष 2026 (FY26) के लिए शानदार नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी के प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में पिछले साल के ₹48,151 करोड़ की तुलना में 19.2% की बढ़ोतरी हुई, जो अब ₹57,419 करोड़ पर पहुंच गया है। कंपनी का कुल प्रीमियम इनकम भी 9.8% बढ़कर ₹5,35,984 करोड़ दर्ज किया गया।
VNB मार्जिन में भी ज़बरदस्त तेज़ी
LIC के लिए यह साल वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस (VNB) के लिहाज़ से भी काफी अच्छा रहा। VNB में 41.6% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹14,179 करोड़ तक पहुंच गया। इसके चलते, नेट VNB मार्जिन सुधरकर 21.2% हो गया, जो पिछले साल FY25 में 17.6% था। कंपनी की मैनेजमेंट के अनुसार, यह सुधार ऊंची मार्जिन वाले नॉन-पार्टिसिपेटिंग प्रोडक्ट्स पर ध्यान केंद्रित करने की रणनीति का नतीजा है।
AUM और सॉल्वेंसी रेश्यो भी मजबूत
वित्तीय वर्ष 2026 के अंत तक LIC का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹57,29,396 करोड़ को पार कर गया। वहीं, कंपनी का सॉल्वेंसी रेश्यो 235.0% पर मजबूत बना हुआ है, जो कंपनी की वित्तीय सेहत को दर्शाता है।
CFO का इस्तीफा: बाज़ार की चिंता
जहां एक ओर कंपनी के वित्तीय नतीजे उत्साहजनक हैं, वहीं दूसरी ओर मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) सुनील अग्रवाल के इस्तीफे ने बाज़ार की चिंता बढ़ा दी है। उनका इस्तीफा 14 जुलाई 2026 से प्रभावी होगा। ऐसे में, LIC को जल्द ही नए CFO की नियुक्ति करनी होगी, जो कंपनी की वित्तीय योजनाओं और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण होगा। इस बदलाव के बीच निवेशकों की नज़रें कंपनी की अगली चाल पर रहेंगी।
आगे क्या?
LIC की मैनेजमेंट आने वाले दिनों में (1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 के बीच) निवेशकों के साथ कई बैठकों में इन नतीजों और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा करेगी। निवेशकों को उम्मीद है कि मैनेजमेंट CFO के इस्तीफे और उसके प्रभाव पर भी बात करेगी।
