LEAP India Ltd के प्रमोटर ग्रुप ने कंपनी के **2,25,64,398** इक्विटी शेयर गिरवी रखे हैं, जो कुल शेयर कैपिटल का **5.10%** है। ये शेयर Catalyst Trusteeship Limited के पास Matyas Possessiones Pvt Ltd के डिबेंचर को सिक्योर करने के लिए रखे गए हैं।
प्रमोटर्स ने क्यों उठाए ये कदम?
कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, ये शेयर पहले SEBI के लॉक-इन नियमों (SEBI ICDR Regulations, 2018) का पालन करने के लिए अस्थाई रूप से रिलीज किए गए थे। अब उन नियमों की शर्तों को पूरा करने के बाद, पूर्व समझौतों के तहत फिर से इन शेयरों पर एनकम्ब्रांस (Encumbrance) यानी गिरवी रखने की प्रक्रिया को लागू किया गया है।
किसका कितना हिस्सा?
SEBI (SAST) रेगुलेशन के तहत दी गई फाइलिंग के अनुसार, सुनु फिलिप मैथ्यू (Sunu Philip Mathew) ने 1,99,05,290 शेयरों (4.50%) पर नॉन-डिस्पोजल अंडरटेकिंग (Non-disposal undertaking) दी है, जबकि Matyas Possessiones Pvt Ltd ने 26,59,108 शेयरों (0.60%) को गिरवी रखा है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks for Investors)
बाजार के जानकारों का मानना है कि प्रमोटर द्वारा शेयर गिरवी रखना कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति और गवर्नेंस पर सवाल खड़े कर सकता है। अगर प्रमोटर अपनी कर्ज की शर्तों को पूरा नहीं करते हैं या शेयर की कीमत में बड़ी गिरावट आती है, तो 'मार्जिन कॉल' के चलते शेयरों की बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। निवेशकों को सलाह है कि वे प्रमोटर होल्डिंग और कंपनी के कर्ज से जुड़ी खबरों पर लगातार नजर बनाए रखें।
