Kumbhat Financial Services ने 24 सितंबर, 2026 को अपनी 33वीं AGM बुलाई है। कंपनी बिजनेस विस्तार के लिए अपनी उधारी सीमा को **₹37 करोड़** से बढ़ाकर **₹43 करोड़** करने का प्रस्ताव रखेगी।
कर्ज का दायरा बढ़ा रही कंपनी
Kumbhat Financial Services लिमिटेड ने अपनी 33वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) का नोटिस जारी कर दिया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली इस मीटिंग में मुख्य एजेंडा कंपनी की उधारी सीमा (Borrowing Limit) को ₹37 करोड़ से बढ़ाकर ₹43 करोड़ करने का है। इसके साथ ही कंपनी अपनी संपत्ति को गिरवी रखने का प्रस्ताव भी रखेगी।
मुनाफे पर दबाव की कहानी
हालांकि कंपनी का रेवेन्यू तेजी से बढ़ा है, लेकिन बढ़ते खर्चों ने बॉटम लाइन पर असर डाला है। FY26 में कंपनी की कुल आय ₹7.10 करोड़ रही, जो पिछले साल ₹2.06 करोड़ थी। लेकिन, परिचालन लागत और फाइनेंसिंग खर्च बढ़ने के कारण कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) गिरकर ₹0.83 करोड़ रह गया, जो पिछले साल ₹1.36 करोड़ था।
गवर्नेंस और अनुपालन पर नजर
कंपनी ने अपना रजिस्टर्ड ऑफिस चेन्नई के प्रकाश बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया है। सेक्रेटेरियल ऑडिट रिपोर्ट में पहले ROC फाइलिंग और स्टॉक एक्सचेंज कम्युनिकेशन में देरी की बात सामने आई थी, जिसे सुधारने के लिए बोर्ड अब इंटरनल कंप्लायंस मॉनिटरिंग को मजबूत कर रहा है।
आगे क्या?
निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि क्या कंपनी बढ़ते लोन पोर्टफोलियो के साथ अपने मार्जिन को बरकरार रख पाती है। इसके अलावा, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नेट ओन्ड फंड नियमों का पालन करना भी मैनेजमेंट के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
