Kotak Mahindra Bank ने FY26 की दूसरी तिमाही में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹5,645.38 करोड़** हो गया है, जो पिछले साल इसी अवधि में **₹4,468.27 करोड़** था। बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ है और ग्रॉस NPA गिरकर **1.04%** पर आ गया है।
कमाई की रफ्तार
बैंक की कुल आय में भी जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस तिमाही में बैंक की टोटल इनकम ₹29,426.88 करोड़ रही, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹24,901.39 करोड़ थी। छह महीने की अवधि के लिए बैंक का नेट प्रॉफिट ₹11,125.84 करोड़ दर्ज किया गया है। इन नतीजों की समीक्षा Deloitte Haskins & Sells और M M NISSIM & CO LLP द्वारा की गई है।
क्यों मजबूत दिख रही है बैलेंस शीट?
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी राहत बैंक की बेहतर होती एसेट क्वालिटी है। पिछले साल की इसी तिमाही में ग्रॉस NPA 1.39% था, जो अब घटकर 1.04% पर आ गया है। वहीं, नेट NPA में भी सुधार हुआ है और यह 0.24% पर पहुंच गया है। यह डेटा बैंक की बेहतर लोन रिकवरी और रिस्क मैनेजमेंट को दर्शाता है।
बड़े कॉर्पोरेट बदलाव (Corporate Actions)
बैंक अपने स्ट्रक्चर को और मजबूत करने के लिए दो बड़ी सब्सिडियरीज—Kotak Mahindra Investments Limited (KMIL) और Kotak Alternate Asset Managers Limited (KAAML) का विलय (Merger) करने जा रहा है। इसके अलावा, जुलाई में बैंक ने KMIL से ₹9,587.62 करोड़ के लोन एसेट्स का अधिग्रहण भी किया था।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को अब KMIL और KAAML के विलय की रेगुलेटरी मंजूरी पर नजर रखनी होगी। इसके अलावा, बैंक का प्रोजेक्ट फाइनेंस बुक—जिसमें 310 प्रोजेक्ट्स शामिल हैं और कुल वैल्यू ₹8,031.71 करोड़ है—बैंक की लॉन्ग-टर्म क्रेडिट क्वालिटी को समझने के लिए एक अहम पैमाना बना रहेगा।
