Khandwala Securities का बुरा हाल: FY26 में घाटा बढ़कर ₹1.27 करोड़ पहुंचा, Revenue में भी बड़ी गिरावट

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AuthorMehul Desai|Published at:
Khandwala Securities का बुरा हाल: FY26 में घाटा बढ़कर ₹1.27 करोड़ पहुंचा, Revenue में भी बड़ी गिरावट

Khandwala Securities के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी का स्टैंडअलोन लॉस बढ़कर **₹1.27 करोड़** हो गया है, जबकि कुल इनकम **38%** घटकर **₹9.36 करोड़** पर सिमट गई है।

बिगड़ते वित्तीय हालात और ऑडिटर्स की चिंता

कंपनी के नतीजों में टॉप-लाइन और बॉटम-लाइन दोनों पर दबाव साफ दिख रहा है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी की इनकम ₹15.13 करोड़ थी, जो अब गिरकर ₹9.36 करोड़ रह गई है। कंपनी का नेट लॉस जो पहले ₹0.80 करोड़ था, वह अब बढ़कर ₹1.27 करोड़ हो गया है, जिससे प्रति शेयर आय (EPS) घटकर (₹0.83) रह गई है।

ऑडिटर्स के गंभीर सवाल

स्टैच्यूटरी ऑडिटर्स M/s. Pravesh Agarwal & Associates ने कंपनी के खातों पर 'क्वालिफाइड ओपिनियन' दिया है। उन्होंने मुख्य रूप से दो बड़े मुद्दों को फ्लैग किया है:

  • ₹2.17 करोड़ का शेयर एप्लीकेशन मनी जो पिछले 288 महीनों से पेंडिंग है और मामला मुंबई हाई कोर्ट में है।
  • Vimpsan Investments Private Ltd को दिए गए ₹3.50 करोड़ के लॉन्ग-टर्म डिपॉजिट्स की रिकवरी नहीं हुई है, जिसके लिए कोई प्रावधान (Provision) भी नहीं किया गया है।

इन विवादों के कारण कंपनी ने इस साल डिविडेंड (Dividend) देने का कोई प्रस्ताव नहीं रखा है।

नई राह और बिजनेस मॉडल में बदलाव

बढ़ते नुकसान और मार्केट की अनिश्चितता के बीच, मैनेजमेंट अब अपने बिजनेस को ट्रेडिशनल ब्रोकरेज से हटाकर 'एडवाइजरी-लेड' मॉडल की ओर ले जा रहा है। कंपनी अब इन्वेस्टमेंट बैंकिंग, PMS और वेल्थ मैनेजमेंट पर फोकस कर रही है। खर्चों को नियंत्रित करने के लिए कंपनी ने पेरोल (Payroll) में भी कटौती की है।

बोर्ड ने गवर्नेंस में बदलाव करते हुए श्रीमती सुजान वकील को नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया है। अब निवेशकों की नजर कंपनी की 33वीं AGM पर होगी, जो 18 सितंबर 2026 को प्रस्तावित है, और कोर्ट में चल रहे रिकवरी मामलों पर रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.