Keynote Financial Services ने FY26 के अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी को इस बार **₹1.66 करोड़** का स्टैंडअलोन नेट लॉस हुआ है, जबकि पिछले साल कंपनी **₹3.73 करोड़** के मुनाफे में थी। इन कमजोर नतीजों के बावजूद बोर्ड ने **₹1** प्रति शेयर डिविडेंड देने की सिफारिश की है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी की ओर से जारी एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक, FY26 में स्टैंडअलोन बिजनेस की कुल आय गिरकर ₹7.17 करोड़ रह गई है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹10.63 करोड़ थी। इसी तरह, कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट भी घटकर ₹6.66 करोड़ पर आ गया है, जो पहले ₹14.57 करोड़ था। मैनेजमेंट ने इस गिरावट की मुख्य वजह इंड-एएस (Ind-AS) नियमों के तहत निवेश पर हुए 'फेयर वैल्यू लॉस' को बताया है।
कॉरपोरेट एक्शन्स और AGM
नुकसान के बावजूद निवेशकों के लिए राहत की बात यह है कि कंपनी ने ₹1 प्रति शेयर डिविडेंड की घोषणा की है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 21 सितंबर, 2026 तय की गई है। कंपनी की 33वीं AGM 28 सितंबर, 2026 को आयोजित होगी। इस बैठक में रिंकू विनीत सुचांती की होल टाइम डायरेक्टर के रूप में फिर से नियुक्ति और नए ऑडिटर की नियुक्ति पर मुहर लगेगी।
गवर्नेंस और रिस्क फैक्टर
कंपनी ने अपने पुराने अनुपालन (compliance) मुद्दों को स्वीकार करते हुए उन पर लगे जुर्माने भर दिए हैं। अब बोर्ड ने निवेश, लोन और गारंटी की सीमा को बढ़ाकर ₹100 करोड़ करने के लिए शेयरधारकों से मंजूरी मांगी है। इसके साथ ही Keynote Fincorp Ltd और Keynote Capitals Ltd के साथ जुड़े ट्रांजैक्शन पर भी वोटिंग होगी।
आगे की राह
इन्वेस्टर्स को अब कंपनी के एडवाइजरी और मर्चेंट बैंकिंग कामकाज पर नजर रखनी होगी। हालांकि मैनेजमेंट का मानना है कि IPO पाइपलाइन मजबूत है, लेकिन मार्केट की अस्थिरता और जियोपॉलिटिकल हालातों का असर कंपनी के भविष्य पर पड़ सकता है।
