Ken Financial Services ने FY26 के लिए मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी ने अपनी इनकम में बड़ा उछाल दिखाया है और अब बोर्ड ने कर्ज लेने की सीमा को बढ़ाकर **₹100 करोड़** करने का प्रस्ताव रखा है।
मुनाफे में इजाफा और भविष्य की योजनाएं
Ken Financial Services ने अपना FY26 का एनुअल रिपोर्ट जारी कर दिया है, जिसमें कंपनी का प्रदर्शन काफी उत्साहजनक रहा है। कंपनी की कुल इनकम पिछले साल के ₹0.06 करोड़ से बढ़कर इस साल ₹0.60 करोड़ पर पहुंच गई है। वहीं, नेट प्रॉफिट भी बढ़कर ₹0.043 करोड़ दर्ज किया गया है, जो कि FY25 में ₹0.008 करोड़ था।
कंपनी के मैनेजमेंट ने भविष्य में विस्तार और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को देखते हुए कर्ज लेने की सीमा को ₹100 करोड़ तक करने का विशेष प्रस्ताव रखा है। हालांकि, मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक इनेबलिंग मेजर्स है और फिलहाल कोई तुरंत कर्ज नहीं लिया जा रहा है।
बोर्ड में बड़े बदलाव
कंपनी ने अपने बोर्ड को मजबूत करते हुए सचिन पवन कुमार चौधरी को डायरेक्टर नियुक्त किया है। साथ ही, इंडिपेंडेंट वुमन डायरेक्टर नेहा कैलाश भागेरिया का कार्यकाल 2031 तक बढ़ा दिया गया है।
अनुपालन में चूक का मामला
नतीजों के बीच एक चिंता की बात भी सामने आई है। कंपनी ने स्वीकार किया है कि वे तिमाही नतीजों को समय पर अखबारों में प्रकाशित नहीं कर पाए। हालांकि, ये नतीजे BSE के साथ फाइल कर दिए गए थे, लेकिन नियामक नियमों के अनुपालन में यह चूक निवेशकों के लिए एक चेतावनी की तरह है।
ऑडिटिंग और अन्य अपडेट
संचालन में पारदर्शिता लाने के लिए कंपनी ने M/s. P N S V & Co. को इंटरनल ऑडिटर नियुक्त किया है। वहीं, स्टेट्युटरी ऑडिट के लिए M/s. Satya Prakash Natani & Co. 2030 तक कंपनी के साथ बने रहेंगे।
