Kanungo Financiers ने सितंबर तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट जो पिछले साल की इसी अवधि में **₹0.12 करोड़** था, वह अब **₹0.04 करोड़** के नेट लॉस में तब्दील हो गया है।
मुनाफे पर क्यों लगी सेंध?
कंपनी के लिए यह तिमाही काफी चुनौतीपूर्ण रही है। ऑपरेशनल रेवेन्यू में 81.4% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जो घटकर महज ₹0.08 करोड़ रह गया है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा ₹0.45 करोड़ था। हालांकि कंपनी ने खर्चों को नियंत्रित करते हुए कुल खर्च को ₹0.30 करोड़ से घटाकर ₹0.13 करोड़ करने की कोशिश की, लेकिन रेवेन्यू में आई भारी कमी ने मुनाफे को पूरी तरह खत्म कर दिया।
बैलेंस शीट और कैश फ्लो का हाल
30 सितंबर, 2026 तक कंपनी की कुल एसेट्स बढ़कर ₹9.97 करोड़ हो गई हैं, जो मार्च में ₹9.67 करोड़ थीं। हालांकि, शेयरहोल्डर्स फंड में थोड़ी गिरावट देखी गई है, जो ₹6.90 करोड़ से कम होकर ₹6.86 करोड़ रह गया है। कैश फ्लो की बात करें तो चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही में कंपनी को ₹0.18 करोड़ का नेट कैश आउटफ्लो झेलना पड़ा है।
आगे का रास्ता
कंपनी के इन नतीजों को ऑडिट कमेटी और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 3 नवंबर, 2026 को मंजूरी दी है। स्टैच्युटरी ऑडिटर 'Suvarna & Katdare' ने नतीजों पर 'Unmodified' ओपिनियन दी है। निवेशकों के लिए अब यह देखना अहम होगा कि कंपनी क्या अपनी लेंडिंग एक्टिविटीज में सुधार कर पाती है या रेवेन्यू में गिरावट का यह दौर आगे भी जारी रहता है।
